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दिल्ली: त्योहारी सीजन में चीनी की जमाखोरी पर सरकार सख्त, बड़े डीलरों के लिए 15 दिन की स्टॉक सीमा
- Photo by : social media
संक्षेप
दिल्ली: त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती मांग और कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े डीलरों और थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा को और सख्त कर दिया है।
विस्तार
दिल्ली: त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती मांग और कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े डीलरों और थोक उपभोक्ताओं के लिए स्टॉक सीमा को और सख्त कर दिया है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, 10 मीट्रिक टन से अधिक मासिक चीनी का इस्तेमाल या बिक्री करने वाले डीलर अब 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक अपने पास नहीं रख सकेंगे। सरकार का यह नया आदेश 1 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इससे पहले बड़े डीलरों के लिए 30 दिनों तक का स्टॉक रखने की अनुमति थी, जिसे अब घटाकर 15 दिन कर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना और किसी भी तरह की जमाखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना है। त्योहारों में बढ़ जाती है चीनी की मांग अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के कारण चीनी की मांग में तेजी आती है। इस दौरान मिठाइयों, बिस्कुट और कन्फेक्शनरी उत्पादों की खपत बढ़ने के साथ बड़ी कंपनियां और कारोबारी पहले से ही अतिरिक्त स्टॉक जुटाने लगते हैं। सरकार ने इसी बढ़ती मांग को देखते हुए स्टॉक सीमा को अस्थायी रूप से सख्त किया है। कीमतों और जमाखोरी पर नजर सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य चीनी की कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी को रोकना और बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना है। बड़े डीलरों और थोक उपभोक्ताओं द्वारा जरूरत से ज्यादा स्टॉक रखने पर रोक लगाने से जमाखोरी की संभावना कम होने की उम्मीद है। इससे त्योहारी सीजन में आम उपभोक्ताओं को चीनी उचित कीमत पर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। नए नियम के तहत 100 क्विंटल यानी 10 मीट्रिक टन से अधिक मासिक उपयोग या बिक्री वाले डीलरों को निर्धारित सीमा का पालन करना होगा। सरकार की ओर से त्योहारी अवधि के दौरान बाजार की स्थिति और चीनी की उपलब्धता पर नजर रखी जाएगी।