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उत्तर प्रदेश: आवास आवंटन में अनियमितता के आरोप, लाभार्थियों और जमीन की जांच की करी मांग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Indresh Kumar Pandey , Date: 21/08/2026 12:24:13 pm Share:
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  • 21/08/2026 12:24:13 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: रेणुकूट नगर पंचायत रेणुकूट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता किए जाने का आरोप समाजसेवी विजय प्रताप सिंह ने लगाया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: रेणुकूट नगर पंचायत रेणुकूट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता किए जाने का आरोप समाजसेवी विजय प्रताप सिंह ने लगाया है। उन्होंने योजना के तहत आवास पाने वाले लाभार्थियों और आवास निर्माण के लिए उपलब्ध कराई गई भूमि की जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पात्रता और भूमि संबंधी नियमों की अनदेखी करते हुए कई ऐसे लोगों को भी आवास का लाभ दे दिया गया है, जिनके नाम संबंधित भूमि का कोई स्वामित्व दर्ज नहीं है। समाजसेवी विजय प्रताप सिंह का कहना है कि नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिन लोगों को आवास दिए गए हैं, उनमें कई मामलों में लाभार्थियों के नाम जमीन नहीं है। इसके बावजूद स्टांप पेपर पर लिखा-पढ़ी के आधार पर दूसरे व्यक्तियों की जमीन पर आवास स्वीकृत कर दिए गए। उनका आरोप है कि इस तरह की प्रक्रिया से भविष्य में जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर रेलवे की जमीन पर भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए जाने की बात सामने आ रही है। यदि ऐसा हुआ है तो यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजना के तहत आवास आवंटन में भूमि के स्वामित्व और पात्रता की विधिवत जांच किया जाना जरूरी है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही योजना का लाभ मिल सके।


विजय प्रताप सिंह ने आवास आवंटन में वार्डवार असमानता पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि नगर पंचायत के वार्ड संख्या एक से नौ तक के पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल सका, जबकि वार्ड संख्या 10 से 14 तक के लोगों को बड़ी संख्या में आवास दिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पात्रता के आधार पर आवास आवंटित किए गए हैं तो पहले नौ वार्डों के पात्र लोगों को योजना से वंचित रखने का आधार क्या है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में यदि योजना के क्रियान्वयन में किसी स्तर पर मनमानी या अनियमितता हुई है तो इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने नगर पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत और आवंटित सभी आवासों की सूची सार्वजनिक करने, लाभार्थियों की पात्रता, भूमि के स्वामित्व तथा आवास निर्माण स्थल का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।

समाजसेवी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले को लेकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी सहित संबंधित अन्य अधिकारियों को भी लिखित शिकायत की गई है। शिकायत के माध्यम से नगर पंचायत क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित आवासों की निष्पक्ष जांच कराने, लाभार्थियों की पात्रता और भूमि के स्वामित्व का सत्यापन कराने तथा नियमों के विपरीत आवास आवंटित किए जाने की स्थिति में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों से शिकायत के बाद अब उन्हें उम्मीद है कि मामले की गंभीरता से जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी। समाजसेवी ने संबंधित अधिकारियों से नगर पंचायत क्षेत्र में आवंटित सभी आवासों का स्थलीय सत्यापन कराने और पात्र लोगों को ही योजना का लाभ सुनिश्चित कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अनियमित तरीके से आवास आवंटित किए जाने के मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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