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उत्तर प्रदेश: रायपुर जमानिया स्कूल में वार्षिक परीक्षाफल उत्सव, छात्रों को तिलक और सम्मान के साथ किया स्वागत
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: रायपुर जमानिया स्थानीय कंपोजिट विद्यालय रायपुर में आज 1 अप्रैल 2026 दिन बुधवार को वार्षिक परीक्षाफल घोषित होने के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: रायपुर जमानिया स्थानीय कंपोजिट विद्यालय रायपुर में आज 1 अप्रैल 2026 दिन बुधवार को वार्षिक परीक्षाफल घोषित होने के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। विद्यालय प्रशासन ने इस दिन को न केवल रिपोर्ट कार्ड वितरण तक सीमित रखा, बल्कि इसे बच्चों के लिए एक उत्सव में भी बदल दिया, जब सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर विद्यालय खुला जिसके बाद छात्र विद्यालय परिसर में पहुंचे, तो प्रधानाचार्य - दीपक कुमार, शिक्षामित्र - आरती सिंह ,ब्राजभूषण सिंह ने भारतीय परंपरा के अनुसार उनका तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। स्कूल के इस व्यवहार से बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखर0 गई और उनका उत्साह देखते ही बन रहा था। परीक्षाफल वितरण के दौरान कक्षा में प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिसमें कक्षा- 1 में प्रथम कार्तिक कुमार , द्वितीय - रितुजा कुमारी तथा कक्षा - 2 में प्रथम प्रसान्त कुमार ,द्वितीय जानकी कुमारी , कक्षा - 3 में प्रथम आरती पाल द्वितीय अर्पिता कुमारी,कक्षा - 4 में प्रथम आयुष गुप्ता द्वितीय चंद्रकेश कुमार, कक्षा- 5 में प्रथम चांदनी कुमारी द्वितीय अद्धिविका कनौजिया , कक्षा- 6में प्रथम टिंकू कुमार द्वितीय धन्नू कुमार, कक्षा- 7 में प्रथम सूर्या कुमार द्वितीय अंश यादव, कक्षा- 8 में प्रथम आशीष कुमार गुप्ता द्वितीय आकाश यादव को कापी, कलम, रोल देकर सम्मानित किया। प्रधानाध्यापक ने बच्चों को अंकपत्र सौंपते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिषद में बच्चों को नए वर्ष में प्रवेश लेने पर तिलक लगाकर स्वागत करने की पहल विद्यालय के प्रति सकारात्मक भाव जगाने को दर्शाता हैं l बड़ी संख्या में अभिभावकों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और विद्यालय की इस नई सोच की सराहना की। शिक्षकों मे राणा सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि अंकपत्र केवल एक पड़ाव है, असली लक्ष्य निरंतर सीखते रहना है। वहीं शिक्षामित्र राजकुमार प्रसाद ने कहा कि "हम चाहते हैं कि बच्चा स्कूल को केवल पढ़ाई का केंद्र न समझे, बल्कि एक ऐसी जगह माने जहाँ उसे सम्मान और प्यार मिलता है। तिलक लगाकर स्वागत करना हमारी संस्कृति और बच्चों के प्रति हमारे लगाव का प्रतीक है।" जिसके साथ ही माननीय अध्यापक मुकेश कुमार पांडेय ने कहा कि बच्चों को केवल अंकपत्र प्राप्ति से उनके रूप रेखा नहीं बदलती बल्की अनुशासन, माता - पिता का सम्मान कड़ी मेहनत , करने से उनके जीवन सफलता कि रंग लाती हैं। वहीं विद्यालय के शिक्षामित्र ब्राजभूषण सिंह ने बताया कि मेरे प्यारे विद्यार्थीयो समय और समझ दोनों एक साथ खुशनसीब लोगों को ही मिलते हैं, जो आप सभी हो क्योंकि अक्सर समय पर समझ नहीं होती और समझ आने तक समय निकल जाता है l