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उत्तर प्रदेश: किसानों ने पीएम मोदी से अमेरिका-भारत ट्रेड डील में पशुपालन को सुरक्षित रखने की करी अपील
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री महोदय आप 13 फरवरी 2025 को भारत व अमेरिका के बीच पारंपरिक व्यापार समझौते पर वार्ता के लिए दो दिवसीय यात्रा पर अमेरिका गए थे।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री महोदय आप 13 फरवरी 2025 को भारत व अमेरिका के बीच पारंपरिक व्यापार समझौते पर वार्ता के लिए दो दिवसीय यात्रा पर अमेरिका गए थे। तथा जब आपको लगा कि आप पर अमेरिका ने तेल और व्यापार समझौते में भारत के कृषि व दूध पदार्थों को शामिल करने का दबाव बन जा रहा था। तो आप समझौते किए बिना देश वापस आ गए अच्छा लगा जब आपने कहा कि देश के किसानों की खेती और दूध व दूध पदार्थों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। मान्यवर उस आश्वासन के 1 साल बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट आया कि अब भारत ने रूस से तेल लेने से मना कर दिया है ।तो अब ट्रेड डील का रास्ता खुल गया है भारत से अमेरिका निर्यात होने वाली वस्तुओं पर 25% टैरिफ के बदले 18% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया गया है और 25% दंड भी हटा दिए जाने की बात कही गई है।
देश के किसानों को कब झटका लगा तब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट के दौरान फौरन बाद अमेरिका की कृषि सचिव बूरक रोलिंस जो भारत के कृषि मंत्री के बराबर है उसका बयान आया कि इंडिया अमेरिका डील के हस्ताक्षर के बाद अमेरिका के किसानो और पशुपालकों को बहुत फायदा होगा।
प्रधानमंत्री महोदय आपके द्वारा और आपके मंत्रियों द्वारा कहा जा रहा है कि देश के किसानों एवं पशुपालकों के हितों का बलिदान नहीं देंगे और ट्रेड डील में शामिल नहीं होंगे। मान्यवर डील दो देशों के बीच में होनी है तो अमेरिका के कृषि सचिव की बात को नजर अंदाज नहीं कर सकते तब हमारे देश में 87% सीमांत किसान है जो पशुपालक का जीविका के लिए निर्भर है। तथा दूध बेचकर परिवार का खर्चा मुश्किल से उठते हैं आज भी हमारे देश में बहुत जगह पानी के दम से सस्ता दूध बिक रहा है और अगर भारत में पाउडर मिल्क आ गया तो हमारे देश के किसान एवं मजदूर तो बिल्कुल बर्बाद हो जाएगा। इसलिए हम देश के किसान किसान संगठन आपसे विनती करते हैं कि जब यह मार्च के आखिरी सप्ताह में इंडोनेशिया अमेरिका डील पर हस्ताक्षर किए जाने हैं तो अगर अमेरिका कृषि व पशुपालन को सम्मिलित करना चाहता है तो आपसे अनुरोध है कि किसानों को बर्बाद करने वाले समझौता पर आप हस्ताक्षर न करें। अगर किसान और पशुपालकों को इस तरह डील के डील से बाहर में रखा गया तो इस कृषि प्रधान देश के किस ईस्ट इंडिया कंपनी वाले भारत फिर से पैदा नहीं होने दे गए। देश को बचाने के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार रहेंगे। किसान एकता जिंदाबाद ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष सुखबीर सिंह आबाद खान मंसूर खान जिला महासचिव मंडल अध्यक्ष नवीन त्यागी विधु त्यागी सुखबीर सिंह नवाब नवाब सिंह आदि मौजूद रहे।
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