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गुजरात: बेमौसम बारिश से रबी फसल व केसर आम प्रभावित, किसानों को भारी नुकसान

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गुजरात  Published by: Sojitra Ashaben , Date: 30/03/2026 12:17:36 pm Share:
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  • 30/03/2026 12:17:36 pm
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संक्षेप

गुजरात: वर्तमान समय में गुजरात में हुई बेमौसम बारिश के कारण अन्नदाता किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

विस्तार

गुजरात: वर्तमान समय में गुजरात में हुई बेमौसम बारिश के कारण अन्नदाता किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इस समय गुजरात में लाल मिर्च, गेहूं जैसे रबी फसलों का सीजन है, वहीं गिर-सौराष्ट्र क्षेत्र में केसर आम और केले की फसल का भी समय है। ऐसे समय में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से रबी फसलों और केसर आम की फसल को बहुत नुकसान पहुंचा है। इससे पहले मानसून के दौरान हुई पिछली बारिश से मूंगफली और कपास की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ था। सोशल मीडिया पर हमने ऐसे वीडियो भी देखे हैं, जिनमें खेतों में मूंगफली की फसल बहती हुई दिखाई दे रही थी। कुल मिलाकर किसानों के मुंह तक आया निवाला छिन गया है, और आज अन्नदाता किसान बहुत दुखी है। किसानों को हुए नुकसान के बाद वे यह सोचकर परेशान हैं कि अपनी पीड़ा किससे कहें और उनकी बात कौन सुनेगा। इसलिए मैं गुजरात सरकार से विशेष निवेदन करता हूं कि इस कठिन समय में किसानों की मदद करते हुए राहत पैकेज घोषित किया जाए और मूंगफली व कपास की फसलों के नुकसान का फसल बीमा भी दिया जाए।


सरकार और बीमा कंपनियां फसल बीमा का प्रीमियम तो वसूल करती हैं, लेकिन किसानों को समय पर बीमा नहीं मिलता। जबकि आम लोग जब मेडिक्लेम, दुर्घटना या जीवन बीमा लेते हैं, तो 24 घंटे या 30 दिनों के भीतर उन्हें क्लेम मिल जाता है। दूसरी ओर, किसान जब कर्ज लेता है, तो उससे पहले फसल बीमा का प्रीमियम लिया जाता है, लेकिन बीमा प्राप्त करने के लिए किसानों को कई बार आवेदन और आंदोलन करना पड़ता है, फिर भी उन्हें बीमा नहीं मिलता। इसके अलावा, जब किसान अपनी तैयार फसल लेकर मंडी में बेचने जाता है, तो ए.सी. ऑफिस में बैठे लोग उसके फसल का भाव तय करते हैं। अन्नदाता किसान लाचार होकर अपनी मेहनत की फसल का भाव क्या मिलेगा, यह देखने को मजबूर होता है। व्यापारी किसान से यह भी नहीं पूछते कि तय किया गया भाव उसके लिए उचित है या नहीं। ऐसे बेमौसम बारिश से हुआ नुकसान किसानों के लिए “गिरे पर थप्पड़” जैसी स्थिति पैदा कर रहा है। इसलिए मैं गुजरात सरकार से विशेष आग्रह करता हूं कि बेमौसम बारिश से हुए नुकसान की सहायता और फसल बीमा तुरंत प्रदान किया जाए।