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उत्तर प्रदेश: बीडीओ के सरकारी और निजी वाहन आगजनी का शिकार, जांच में जुटी पुलिस 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Omprakash Tiwari , Date: 27/02/2026 01:47:48 pm Share:
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  • 27/02/2026 01:47:48 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: कुशीनगर जनपद के नेबुआ नौरंगिया विकासखंड में गुरुवार देर रात हुई आगजनी की घटना ने प्रशासनिक महकमे और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: कुशीनगर जनपद के नेबुआ नौरंगिया विकासखंड में गुरुवार देर रात हुई आगजनी की घटना ने प्रशासनिक महकमे और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। विकासखंड अधिकारी (बीडीओ) आर.के. सेठ की निजी और सरकारी गाड़ियों को अज्ञात लोगों ने उनके किराए के मकान के बाहर आग के हवाले कर दिया। घटना को सुनियोजित साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि आग लगाने के साथ-साथ उनके घर का दरवाजा बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया गया था। जानकारी के अनुसार, बीडीओ आर.के. सेठ रामपुर खुर्द गांव में जगदीश लाल श्रीवास्तव के मकान में किराए पर रहते हैं। गुरुवार रात लगभग 10 बजे वह सोने चले गए थे। उनकी निजी मारुति वैगनआर और सरकारी महिंद्रा बोलेरो मकान के बाहर खड़ी थीं। रात करीब 12 बजे उन्हें बाहर कुछ संदिग्ध हलचल और आवाजें सुनाई दीं। जब उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की तो पाया कि दरवाजा बाहर से बंद है। किसी तरह शोर मचाकर लोगों को बुलाया गया। ग्रामीणों के पहुंचने तक दोनों गाड़ियों में भीषण आग लग चुकी थी। प्राथमिक आशंका है कि अराजक तत्वों ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई।


ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। आग इतनी तेज थी कि जब तक उस पर काबू पाया गया, दोनों वाहन लगभग पूरी तरह जल चुके थे। सरकारी गाड़ी के जलने से प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू—व्यक्तिगत रंजिश, प्रशासनिक कार्रवाई से नाराजगी या अन्य कारण—की गंभीरता से जांच की जा रही है।


क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शेषनाथ यादव ने बताया कि विकासखंड मुख्यालय का सरकारी आवास मरम्मत के बाद कानूनी विवाद में फंसा हुआ है। इसी कारण बीडीओ को किराए के मकान में रहना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि सरकारी आवास उपलब्ध होता, जहां सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था होती, तो संभवतः यह घटना टाली जा सकती थी। इस घटना से प्रशासनिक अधिकारियों में भी चिंता का माहौल है। एक जिम्मेदार अधिकारी के सरकारी और निजी वाहनों को निशाना बनाना कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी आवश्यक है ताकि प्रशासनिक तंत्र का मनोबल बना रहे। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और क्षेत्र के लोगों में इस घटना को लेकर चर्चा और आक्रोश बना हुआ है।