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उत्तर प्रदेश: एक्सप्रेस ज़ेनिथ सोसायटी के निवासियों ने बिल्डर से हैंडओवर न मिलने पर आपत्ति जताई

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उत्तर प्रदेश  Published by: Yogendra Kumar , Date: 11/02/2026 02:04:16 pm Share:
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सेक्टर-77, नोएडा स्थित एक्सप्रेस ज़ेनिथ आवासीय सोसायटी के निवासियों ने बिल्डर द्वारा पंजीकृत अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (EZAOA) को अब तक सोसायटी का हैंडओवर न दिए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सेक्टर-77, नोएडा स्थित एक्सप्रेस ज़ेनिथ आवासीय सोसायटी के निवासियों ने बिल्डर द्वारा पंजीकृत अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (EZAOA) को अब तक सोसायटी का हैंडओवर न दिए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है। निवासियों का कहना है कि इससे सोसायटी में सुरक्षा, रख-रखाव और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़ी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं। एक्सप्रेस ज़ेनिथ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (EZAOA) उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट (प्रमोशन ऑफ कंस्ट्रक्शन, ओनरशिप एंड मेंटेनेंस) अधिनियम, 2010 के तहत विधिवत पंजीकृत है। इसके बावजूद बिल्डर द्वारा सोसायटी का वैधानिक हैंडओवर, रख-रखाव नियंत्रण, कॉमन एरिया और यूटिलिटी सेवाएँ एसोसिएशन को नहीं सौंपी गई हैं। निवासियों का आरोप है कि हैंडओवर न होने के कारण कई गंभीर समस्याएँ लंबे समय से बनी हुई हैं, जिनमें शामिल हैं। दीवारों और छत से प्लास्टर गिरने की घटनाएँ, जिससे सुरक्षा को खतरा बेसमेंट और फ्लैट्स में पानी का रिसाव (सीपेज) कॉमन एरिया और बेसमेंट में अपर्याप्त लाइटिंग, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएँ। 

 


ग्रीनरी और प्लांटेशन की खराब स्थिति, उचित देखभाल का अभाव मेंटेनेंस खातों और TDS से जुड़ी पारदर्शिता की कमी बल्क वाटर और कॉमन एरिया बिजली कनेक्शन अब भी बिल्डर के नाम पर, जिससे एसोसिएशन सेवाओं का प्रबंधन नहीं कर पा रही। EZAOA ने स्पष्ट किया है कि वह रख-रखाव, सुरक्षा, यूटिलिटी सेवाओं और भुगतान की पूरी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है, लेकिन हैंडओवर और कनेक्शन ट्रांसफर न होने के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, NCLAT (नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल) के हालिया निर्णयों में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रोजेक्ट अधूरा होने की स्थिति में भी पंजीकृत AOA को सोसायटी प्रबंधन का अधिकार है। निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण से अपील की है कि वह इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर बिल्डर को वैधानिक हैंडओवर देने के निर्देश जारी करे। EZAOA के एक पदाधिकारी ने कहा, “यह कोई व्यावसायिक विवाद नहीं है, बल्कि निवासियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और कानून के पालन का मुद्दा है। एसोसिएशन तैयार है, कानून स्पष्ट है, अब केवल कार्रवाई की आवश्यकता है।” निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे नियामक और कानूनी स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे।