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उत्तराखंड: बीएचईएल यूनियनों का केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हुआ विरोध प्रदर्शन
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संक्षेप
उत्तराखंड: केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिये बीएचईएल हरिद्वार की केंद्रीय यूनियंस ने विशाल विरोध प्रदर्शन कर माननीय राष्ट्रपति महोदया को श्रीमान सिटी मजिस्ट्रेट के माध्य से ज्ञापन भेजा गया।
विस्तार
उत्तराखंड: केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिये बीएचईएल हरिद्वार की केंद्रीय यूनियंस ने विशाल विरोध प्रदर्शन कर माननीय राष्ट्रपति महोदया को श्रीमान सिटी मजिस्ट्रेट के माध्य से ज्ञापन भेजा गया। फॉउंड्री गेट , बीएचईएल पर " विशाल विरोध प्रदर्शन " में जनसभा का संचालन बीएमकेपी , उपाध्यक्ष प्रशान्त दीप गुप्ता ने किया एवं अध्यक्षता एटक के संरक्षक श्री एम.एस.त्यागी ने की सभा को संबोधित करते हुए इंटक के महामंत्री श्री राजबीर सिंह ने कहा कि आज 12 फरवरी को देश की प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियंस इंटक , एटक , एचएमएस , सीटू , अन्य केंद्रीय श्रम संगठनों और भेल की स्थानीय यूनियन हेमू ने एकत्र होकर केंद्र सरकार द्वारा दिनांक 21 नवम्बर 2026 को 29 प्रमुख श्रम कानूनों के स्थान पर श्रमिक विरोधी चार श्रम संहिता को एकतरफा लागू किये जाने, सार्वजनिक उपक्रमों की विनिवेशीकरण की नीति का विरोध एवं अन्य श्रमिक विरोधी नीतियों का विरोध 12 फरवरी 2026 को पूरे भारतवर्ष के श्रमिकों द्वारा एक दिवसीय हड़ताल एवं विरोध प्रदर्शन द्वारा किया जा रहा है । बीएचईएल , हरिद्वार की सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियंस द्वारा फॉउंड्री गेट पर एकत्र होकर केन्द्र सरकार का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है । हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा बीएचईएल के पाँच प्रतिशत शेयर को बेचे जाने से श्रमिकों में भारी रोष वयाप्त है। जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं । एचएमएस के प्रेमचंद सिमरा ने कहा कि श्रीमान नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय हरिद्वार पहुँचकर माननीय राष्ट्रपति महोदया,भारत सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा हमारी माँग है कि मोटर वाहन अधिनियम 2023 को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए , न्यूनतम वेतन ₹26,000/- प्रतिमाह घोषित किया जाए तथा न्यूनतम वेतन बोर्ड है उत्तराखण्ड, कर्मचारी भविष्य निधि बोर्ड एवं ई.एस.आई. बोर्ड में केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों इंटक, एटक एवं सीटू के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि बैंक, बीमा, रक्षा, डाक, रेलवे सहित अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के निगमिकीकरण/निजीकरण पर रोक लगाई जाए। आयुध निर्माणियों को पूर्व की भांति पूर्णतः सरकारी नियंत्रण में लाया जाए तथा बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ.डी.आई.) को निरस्त किया जाए। किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) पर कानून बनाया जाए, केन्द्र एवं राज्य सरकार के संस्थानों में कार्यरत संविदा एवं ठेका श्रमिकों को नियमित किया जाए तथा “समान कार्य के लिए समान वेतन” का सिद्धांत लागू किया जाए, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए , केन्द्र एवं राज्य सरकार के संस्थानों में कार्यरत संविदा एवं ठेका श्रमिकों को नियमित किया जाए तथा “समान कार्य के लिए समान वेतन” का सिद्धांत लागू किया जाए। सभा में मुकुल राज , प्रशान्त दीप गुप्ता , रविंद्र कुमार , अश्वनी चौहान , मोहम्मद इम्तियाज, विपिन केसला, संजय शर्मा, तेजवीर सिंह, संदीप चौहान, अमित सिंह, सुभाष त्यागी, प्रेमचंद सिमरा , मनीष सिंह , नरेश नेगी , नईम खान , परमाल सिंह, अजीत कुमार , अमृत रंजन, रजनीश कुमार, विरेंद्र सिंह , मोहित शर्मा ,अरूण नायक , अर्जुन कुमार सहित सैकड़ो कर्मचारी गण शामिल रहे।
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