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झारखण्ड: डाली में एक हजार पौधे बांटकर पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश

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झारखण्ड  Published by: Arun Kumar Ravi , Date: 28/07/2026 05:16:10 pm Share:
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  • 28/07/2026 05:16:10 pm
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झारखण्ड: पलामू पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से छतरपुर प्रखंड के डाली बाजार स्थित कौशल नगर के मोहनलाल खुर्जा पार्वती देवी पार्क जैविक उद्यान में सोमवार को पर्यावरण धर्म एवं वृक्षों पर रक्षाबंधन आंदोलन की स्वर्ण जयंती के अवसर पर पौधा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरणविद् डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने ग्रामीणों के बीच अमरूद, काजू, आंवला, कटहल और सागवान सहित एक हजार पौधों का निःशुल्क वितरण किया। इस दौरान लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाने के साथ पर्यावरण धर्म के आठ मूल ज्ञान मंत्रों की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व राष्ट्रपति और ‘मिसाइल मैन’ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। डाली बाजार की मुखिया पूनम जायसवाल और डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने डॉ. कलाम के राष्ट्र निर्माण, विज्ञान और युवाओं के लिए किए गए योगदान को याद किया। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने देश की सुरक्षा के लिए मिसाइलों का निर्माण किया था, जबकि वर्तमान समय में प्रदूषण और पर्यावरण का विनाश बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इसी सोच के साथ वह पौधों को ‘धरती की मिसाइल’ बनाकर प्रदूषण के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने से प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकट से मुकाबला करने में मदद मिलेगी। डॉ. कौशल ने बताया कि वर्ष 1967 में ‘जंगल लगाओ, जंगल बचाओ’ अभियान और वर्ष 1977 में ‘पर्यावरण धर्म’ की शुरुआत के बाद से यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करनी चाहिए। डाली बाजार की मुखिया पूनम जायसवाल ने ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं से पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, जल और बेहतर जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिक्षक सरफराज अहमद ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के वैज्ञानिक योगदान, सादगीपूर्ण जीवन और युवाओं को दिए गए प्रेरक संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने डॉ. कौशल किशोर जायसवाल के लंबे समय से चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण अभियान की सराहना की। कार्यक्रम के बाद उपस्थित लोगों ने पौधरोपण किया और पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और जलवायु संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मनोज यादव, अफजाल अंसारी, शहाबुद्दीन अंसारी, रामजी प्रसाद, जुबेर अंसारी, खालिद खान, सद्दाम हुसैन, गुलाम गौस, बाबूराम, रजी अहमद, वसीम अंसारी, धर्मदेव यादव, विनोद यादव, मुंतज़िर अंसारी, लक्ष्मण राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।