Contact for Advertisement 9919916171


राजस्थान: अखिल भारतीय साहित्य परिषद का 9वां प्रदेश महाधिवेशन हुआ संपन्न

- Photo by : social media

राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 01/06/2026 05:30:29 pm Share:
  • राजस्थान
  • Published by: Shahihurehman ,
  • Date:
  • 01/06/2026 05:30:29 pm
Share:

संक्षेप

राजस्थान: टोंक शिक्षा नगरी कोटा में 30 मई को अखिल भारतीय साहित्य परिषद राजस्थान के दो दिवसीय 9वें प्रदेश महाधिवेशन का भव्य शुभारंभ हुआ।

विस्तार

राजस्थान: टोंक शिक्षा नगरी कोटा में 30 मई को अखिल भारतीय साहित्य परिषद राजस्थान के दो दिवसीय 9वें प्रदेश महाधिवेशन का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन राजकीय आयुर्वेद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय, कोटा के सभागार में सम्पन्न हुआ, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अखिल भारतीय साहित्य परिषद टोंक जिला अध्यक्ष सुरेश बुन्देल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महाधिवेशन का उद्देश्य साहित्यिक चेतना को बढ़ावा देना तथा भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं को संरक्षित एवं संवर्धित करना है। उद्घाटन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्यकार समाज की सांस्कृतिक धरोहर के सच्चे संवाहक होते हैं, जो अपनी रचनाओं के माध्यम से लोक जीवन, परंपराओं और मूल्यों को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाते हैं।

इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अन्ना राम शर्मा ने भी संबोधित करते हुए लोक मंथन में लोक साहित्य एवं बाल साहित्य पर विशेष रूप से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साहित्य को जन-जन तक पहुँचाने के लिए नवाचार और शोध आधारित प्रयासों की आवश्यकता है। इस भव्य आयोजन में टोंक जिले से भी अनेक साहित्यकारों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला मंत्री एवं कवि हनुमान और संयुक्त मंत्री कवि दया शंकर शर्मा ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए काव्य संध्या में अपनी प्रभावशाली कविताओं का पाठ किया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने सराहा।

कार्यक्रम के दौरान हरिओम शर्मा ‘हरीश’ की राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर के सहयोग से प्रकाशित पुस्तक *“लहरों से सीखा नौका ने”* तथा सी.एस. कृष्णा की पुस्तक *“रोंग नंबर वाली लड़की”* का भी लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर साहित्यिक जगत में नव रचनात्मकता को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। समापन सत्र में प्रदेश एवं संभाग कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। इसमें टोंक जिला कार्यकारिणी की जिम्मेदारी सुरेश बुन्देल को अध्यक्ष तथा कवि हनुमान बादाम को जिला मंत्री के रूप में सौंपी गई। कार्यक्रम का समापन साहित्यिक एकता, सांस्कृतिक चेतना एवं भारतीय साहित्य को नई दिशा देने के संकल्प के साथ हुआ।