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राजस्थान: कोटपूतली नगर परिषद चुनाव: ईवीएम में कैद हुआ प्रत्याशियों का भाग्य, सभापति की कुर्सी को लेकर सियासी हलचल हुई तेज
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विस्तार
राजस्थान: कोटपूतली नगर परिषद चुनाव में रिकॉर्ड मतदान के साथ मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। मतदान खत्म होने के बाद अब सभी की नजरें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। वहीं, सभापति पद को लेकर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के बीच जोड़-तोड़ की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। मतदान समाप्त होते ही भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय खेमों में संभावित विजेता पार्षदों को अपने साथ बनाए रखने को लेकर रणनीति शुरू होने की बात सामने आ रही है। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर बाड़ाबंदी की चर्चाएं भी जोर पकड़ रही हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक चुनाव परिणाम सामने आने के बाद समीकरण तेजी से बदल सकते हैं। ऐसे में प्रमुख दल परिणाम से पहले ही संभावित विजयी प्रत्याशियों को अपने संपर्क में रखने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, बाड़ाबंदी और प्रत्याशियों को किसी स्थान पर रखने को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इस बार 60 वार्डों में हुए चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में निर्दलीय प्रत्याशियों के मजबूत प्रदर्शन के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ अनुमानों में निर्दलीयों को बड़ी संख्या में सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है, जबकि भाजपा और कांग्रेस के बीच भी कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक स्थिति 14 सितंबर को मतगणना के बाद ही साफ होगी। सभापति पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के साथ-साथ निर्दलीय खेमे भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। दोनों प्रमुख दलों के नेता संभावित विजयी पार्षदों के साथ संपर्क बनाए रखने की कोशिश में जुटे हैं। वहीं, कुछ निर्दलीय प्रत्याशी भी सभापति पद के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। उधर, प्रशासन ने ईवीएम की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। सभी 60 वार्डों की ईवीएम को राजकीय पाना देवी कन्या महाविद्यालय स्थित स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। स्ट्रांग रूम की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है और सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। 14 सितंबर को इसी परिसर में मतगणना होगी। मतगणना को लेकर प्रशासन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब प्रत्याशियों के साथ-साथ शहरवासियों को भी चुनाव परिणाम का इंतजार है। मतगणना के बाद ही यह साफ होगा कि कोटपूतली नगर परिषद में किस दल या समूह का दबदबा रहेगा और सभापति की कुर्सी किसके हिस्से में जाएगी।
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