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राजस्थान: ‘सपनों की उड़ान’ परियोजना के तहत किशोरियों को जीवन कौशल व प्रजनन स्वास्थ्य प्रशिक्षण

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 19/05/2026 04:00:02 pm Share:
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  • 19/05/2026 04:00:02 pm
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संक्षेप

राजस्थान: शिव शिक्षा समिति राणोली द्वारा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से संचालित सपनों की उड़ान परियोजना के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

विस्तार

राजस्थान: शिव शिक्षा समिति राणोली द्वारा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से संचालित सपनों की उड़ान परियोजना के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। संस्था सचिव डॉक्टर शिवजी राम यादव ने बताया कि पीपलू तहसील में 10 से 19 आयु वर्ग की किशोरियों को जीवन कौशल से जुड़े हुए विषयों पर विगत 1 वर्ष में सशक्त किया गया है अब 15 से 19 आयु वर्ग की किशोरियों को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर सशक्त किया जाएगा ताकि किशोरावस्था में होने वाले विभिन्न संक्रमण एवं हिंसा से बचा जा सके । परियोजना अधिकारी राजकंवर ने बताया कि परियोजना टीम सहित 48 सदस्यों को मास्टर प्रशिक्षक के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह प्रशिक्षक 700 हमजोलियों को प्रशिक्षित करेंगे उसके बाद हमजोली पीपलू तहसील की 6000 किशोरियों को सशक्त करने का कार्य करेंगे। यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार पर आधारित मॉड्यूल के तहत किशोरावस्था के दौरान होने वाले परिवर्तन, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े अधिकार, माहवारी से संबंधित स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन, सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार, गर्भनिरोधक साधनों की जानकारी, किशोर अवस्था में मातृत्व, गर्भधारण की प्रक्रिया को समझना एवं किशोरावस्था में गर्भधारण से होने वाले नुकसान पर समझ, जेंडर और समाजीकरण, स्वस्थ और अस्वस्थ रिश्ते, हिंसा और सहमति जैसे विषयों पर किशोरियों को सशक्त करने का कार्य किया गया है।

 

संदर्भ व्यक्ति सीताराम शर्मा, पूनम जोनवाल, राम कल्याण जाट, मीना गुर्जर एवं गणेश गुर्जर में सत्रों पर जानकारी देते हुए उनसे जुड़े अभ्यास करवाये। प्रशिक्षण के बाद किशोरियों ने बताया कि यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर हमारे समाज में खुलकर बात नहीं होती, अधूरी जानकारी या गलत जानकारी के कारण अधिकतर किशोर व युवा गलत रास्ते पर चले जाते हैं स्वयं के शरीर से जुड़े अंगों, संक्रमणों, सहमति की परिभाषा इत्यादि को समझते हुए स्वस्थ रिश्तो में रहने की जानकारी आवश्यक है इससे  हम एक सुरक्षित व स्वस्थ  जीवन जीने में सक्षम होंगे, ना कहने में सक्षम होंगे एवं सहमति का सम्मान करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान पीपलू तहसील के अलग-अलग गांव से किशोरिया एवं परियोजना टीम ने भाग लिया।