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हरियाणा: साइबर सुरक्षा अभियान, पुलिस ने अभेद्य ऐप व ड्यूल OTP सिस्टम पर किया जागरूक
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संक्षेप
हरियाणा: साइबर सुरक्षा को लेकर नारनौंद पुलिस की पहल, अभेद्य ऐप और ड्यूल ओटीपी सिस्टम के बारे में आमजन को किया जागरूक साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हांसी पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है
विस्तार
हरियाणा: साइबर सुरक्षा को लेकर नारनौंद पुलिस की पहल, अभेद्य ऐप और ड्यूल ओटीपी सिस्टम के बारे में आमजन को किया जागरूक साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हांसी पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। पुलिस अधीक्षक हांसी श्री विनोद कुमार, आईपीएस के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आमजन को साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड तथा अन्य साइबर अपराधों से बचाने के लिए अभेद्य ऐप एवं ड्यूल ओटीपी सिस्टम के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूक किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना नारनौंद पुलिस द्वारा आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान थाना प्रभारी नारनौंद निरीक्षक रमेश कुमार ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों, व्यापारियों, युवाओं एवं आम लोगों को अभेद्य ऐप और ड्यूल ओटीपी सिस्टम की उपयोगिता एवं महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। डिजिटल सुरक्षा का मजबूत कवच बन रहा अभेद्य ऐप जागरूकता अभियान के दौरान निरीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में अभेद्य ऐप आमजन के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर सकता है। उन्होंने लोगों को बताया कि यह ऐप संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, डिजिटल सुरक्षा जागरूकता तथा साइबर अपराधों से बचाव में सहायक है। उन्होंने आमजन को अपने मोबाइल फोन में सुरक्षा फीचर्स सक्रिय रखने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध कॉल या मैसेज से सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत संबंधित हेल्पलाइन और पुलिस से संपर्क करने की अपील की। ड्यूल ओटीपी सिस्टम से बढ़ेगी ऑनलाइन सुरक्षा अभियान के दौरान लोगों को ड्यूल ओटीपी सिस्टम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि यह व्यवस्था ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और डिजिटल अकाउंट सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाती है। ड्यूल ओटीपी सिस्टम के माध्यम से अतिरिक्त सुरक्षा परत (Security Layer) तैयार होती है, जिससे साइबर ठगों द्वारा धोखाधड़ी की संभावना कम होती है। निरीक्षक रमेश कुमार ने लोगों को समझाया कि बैंकिंग, सोशल मीडिया, ईमेल और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल खातों में मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर अथवा ड्यूल वेरिफिकेशन सिस्टम अपनाना समय की आवश्यकता है। डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील जागरूकता कार्यक्रम के दौरान डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर फ्रॉड के बारे में भी नागरिकों को सचेत किया गया। लोगों को बताया गया कि किसी भी फर्जी पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य एजेंसी बनकर आने वाली कॉल से घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी कॉल या संदेश मिलने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें और किसी के दबाव में आकर धनराशि ट्रांसफर न करें। ‘स्वयं जागरूक बनें, दूसरों को भी जागरूक करें’ निरीक्षक रमेश कुमार ने आमजन से अपील की कि साइबर अपराधों से बचाव केवल तकनीकी उपायों से ही नहीं बल्कि जागरूकता से भी संभव है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक स्वयं सतर्क रहे तथा अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी अभेद्य ऐप और ड्यूल ओटीपी सिस्टम के बारे में जानकारी देकर जागरूक करें।
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