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झारखंड: पांडु माइंस में बिना बैरिकेडिंग खनन पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की करी मांग
- Photo by : social media
संक्षेप
झारखंड: हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत पांडु गांव में एनटीपीसी की एमडीओ कंपनी बीजीआर इंफ्रा लिमिटेड की खनन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
विस्तार
झारखंड: हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत पांडु गांव में एनटीपीसी की एमडीओ कंपनी बीजीआर इंफ्रा लिमिटेड की खनन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हजारीबाग जिला मुख्यालय जाने वाले मुख्य मार्ग के पास कोयला खनन का काम बिना पर्याप्त बैरिकेडिंग या फेंसिंग के किया जा रहा है। इससे सड़क से गुजरने वाले लोगों को दुर्घटना का डर बना रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पांडु माइंस और मुख्य सड़क के बीच की दूरी करीब 50 मीटर है। इसके बावजूद सड़क और खनन क्षेत्र के बीच सुरक्षा घेरा नहीं होने से राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन आसपास के गांवों के ग्रामीण, किसान, स्कूली बच्चे और अन्य यात्री आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के इतने नजदीक खनन कार्य होने के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखने से किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। विशेष रूप से रात के समय कम दृश्यता या वाहन चालकों का ध्यान भटकने की स्थिति में दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में खनन क्षेत्र के आसपास सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरूरी है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि खनन क्षेत्र और सार्वजनिक सड़क के बीच मजबूत बैरिकेडिंग या फेंसिंग कराई जाए। इसके साथ ही चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और जरूरत के अनुसार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे। ग्रामीणों ने एनटीपीसी और बीजीआर प्रबंधन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। फिलहाल, इस मामले में एनटीपीसी और बीजीआर प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठे सवालों पर संबंधित प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।