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मध्य प्रदेश: जनविरोधी नीतियों के खिलाफ विशाल जनआक्रोश रैली, महंगाई-बेरोजगारी पर जमकर प्रदर्शन

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मध्य प्रदेश  Published by: Ashok Mahule , Date: 10/06/2026 02:31:48 pm Share:
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  • 10/06/2026 02:31:48 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: वारासिवनी-खैरलांजी विधानसभा क्षेत्र में सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मंगलवार को विशाल जनआक्रोश रैली, धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन का आयोजन किया गया।

विस्तार

मध्य प्रदेश: वारासिवनी-खैरलांजी विधानसभा क्षेत्र में सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मंगलवार को विशाल जनआक्रोश रैली, धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन का आयोजन किया गया। इस आंदोलन में वारासिवनी - खैरलाजी विधायक विवेक विक्की पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक सम्राट सहसवार दुर्गा प्रसाद लिलहारे जनपद उपाध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अनिल पिपलेवार ब्लॉक कांग्रेस सुनील राणा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी वारासिवनी कमेटी अध्यक्ष वारासिवनी तेजराम नागपुरे ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डोंगरमाली जितेंद्र सिंह जीतू राजपूत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डोंगरमालीकिसानों, युवाओं, महिलाओं, मजदूरों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। पूरे क्षेत्र में जनाक्रोश का माहौल देखने को मिला और प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों सहित कई जनहित के मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज देश और प्रदेश की आम जनता महंगाई की दोहरी मार झेल रही है। डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों ने परिवहन व्यवस्था को महंगा कर दिया है, जिससे खाद्यान्न, सब्जियां, दालें और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई वृद्धि ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है। आम परिवारों के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है, लेकिन सरकार जनता की परेशानियों पर ध्यान देने के बजाय केवल घोषणाओं तक सीमित दिखाई दे रही है।

जनआंदोलन में शामिल युवाओं ने सरकार के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। वर्षों तक मेहनत और तैयारी करने वाले युवाओं के सपनों को भ्रष्ट तंत्र द्वारा कुचला जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। युवाओं ने रोजगार के नए अवसर सृजित करने और रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने की भी मांग की।

किसानों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं, जबकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। इससे किसान आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। किसानों ने कृषि आदानों की कीमतों में कमी, समर्थन मूल्य में वृद्धि तथा कृषि क्षेत्र के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की।

महिलाओं ने भी बढ़ती महंगाई को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि घरेलू उपयोग की वस्तुओं, खाद्यान्न सामग्री और गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों के कारण परिवार चलाना अत्यंत कठिन हो गया है। घर की रसोई से लेकर बच्चों की शिक्षा तक हर क्षेत्र में महंगाई का असर दिखाई दे रहा है। महिलाओं ने सरकार से महंगाई नियंत्रण के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की मूलभूत समस्याओं से मुंह मोड़ रही है। बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की बदहाली और युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर मुद्दों पर ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते जनता की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा गांव-गांव और शहर-शहर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

आंदोलन के समापन पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों में कमी, खाद्य सामग्री और कृषि आदानों के बढ़ते दामों पर नियंत्रण, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक किसान नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, महिला संगठनों के प्रतिनिधि, युवा संगठन एवं विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। वारासिवनी-खैरलांजी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित यह विशाल जनआंदोलन पूरे जिले में चर्चा का विषय बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता की आवाज को अनसुना किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।


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