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राजस्थान: विश्व पर्यावरण दिवस पर ब्रह्माकुमारी संस्थान का किया गया विशेष आयोजन

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राजस्थान  Published by: Pramod Kumar Bansal , Date: 06/06/2026 03:18:59 pm Share:
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  • 06/06/2026 03:18:59 pm
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संक्षेप

राजस्थान: कोटपूतली प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कोटपूतली के स्थानीय सेवा केंद्र द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर पालिका परिषद पार्क, कोटपूतली में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विस्तार

राजस्थान: कोटपूतली प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कोटपूतली के स्थानीय सेवा केंद्र द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर पालिका परिषद पार्क, कोटपूतली में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र, कोटपूतली की प्रभारी बीके लक्ष्मी बहन ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रकृति मनुष्य जीवन का आधार है। हम मनुष्य आत्माएं जाने-अनजाने में अनेक बार प्रकृति को नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि प्रकृति स्वयं अपना संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि हमें सदैव प्रकृति का सहयोग एवं संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि मनुष्य का शरीर प्रकृति के पांच तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—से निर्मित है। प्रकृति के बिना मानव अस्तित्व की कल्पना भी संभव नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान सामूहिक राजयोग मेडिटेशन कराया गया तथा प्रकृति के पांचों तत्वों को सकारात्मक ऊर्जा (सकास) प्रदान की गई। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़े अनेक भाई-बहन उपस्थित रहे।इससे पूर्व प्रातः 10 बजे ECHS पॉलीक्लिनिक, रामनगर (बानसूर) में “वैचारिक शुद्धता, तनाव के कारण एवं समाधान” विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार की मुख्य वक्ता बीके लक्ष्मी बहन ने कहा कि जब मनुष्य के विचार शुद्ध एवं पवित्र होंगे तभी उसका जीवन शक्तिशाली और सुखमय बन सकेगा। आज का मनुष्य अनेक मानसिक एवं शारीरिक समस्याओं से जूझ रहा है, जिनका प्रमुख कारण वैचारिक अशुद्धता, नकारात्मक सोच और आंतरिक द्वंद्व है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता तनाव व्यक्ति के स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और पारिवारिक जीवन को प्रभावित कर रहा है। तनाव का मुख्य कारण परिस्थितियों, लोगों और स्वयं के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण है। यदि व्यक्ति सकारात्मक चिंतन, आत्मचिंतन और राजयोग मेडिटेशन को अपने जीवन में अपनाए तो वह तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन जी सकता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के लिए भी रोगी का उपचार करने से पूर्व सकारात्मक एवं श्रेष्ठ विचारों का होना आवश्यक है। अच्छे विचारों की श्रृंखला डॉक्टरों को बेहतर उपचार एवं सेवा प्रदान करने में सहायक बनती है। कार्यक्रम में पॉलीक्लिनिक प्रभारी डॉ. के.एस. महला ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समाज में सकारात्मक एवं व्यापक परिवर्तन लाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। वैचारिक परिवर्तन अपने आप में एक बड़ा सामाजिक बदलाव है। सेमिनार के समापन पर सभी उपस्थित जनों को 10 मिनट का राजयोग मेडिटेशन कराया गया, जिससे मानसिक शांति, तनाव से मुक्ति तथा सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। 


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