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उत्तर प्रदेश: ऑनलाइन प्रमोशन के नाम पर हुई साइबर ठगी, पति-पत्नी समेत 3 मास्टरमाइंड हुआ गिरफ्तार
- Photo by : SOCIAL MEDIA
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गौतमबुद्ध नगर की सेक्टर-63 थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पति-पत्नी समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं मौके से मिले 44 टेलीकॉलर्स को प्रारंभिक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लोगों को ऑनलाइन प्रोडक्ट प्रमोशन और पार्ट-टाइम कमाई का झांसा देकर लाखों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने बताया कि सेक्टर-63 क्षेत्र में संचालित इस कॉल सेंटर के बारे में पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी की, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी लोगों को फोन कर निवेश और ऑनलाइन प्रमोशन के नाम पर लुभाने का काम कर रहे थे। जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर का संचालन एक पति-पत्नी कर रहे थे, जिन्हें इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। इनके साथ एक अन्य मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देकर कॉल सेंटर में भर्ती करते थे। इसके बाद उन्हें स्क्रिप्ट के जरिए लोगों से संपर्क कर ऑनलाइन प्रोडक्ट प्रमोशन, बेहतर रिटर्न और पार्ट-टाइम इनकम का झांसा देने के लिए प्रशिक्षित किया जाता था। इस तरीके से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित कर उनसे बड़ी रकम ठगी जाती थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। मौके से भारी मात्रा में लैपटॉप, डेस्कटॉप कंप्यूटर, ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन, कॉलिंग डेटा शीट, फर्जी दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद कॉल सेंटर में कार्यरत 44 कर्मचारियों को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। वहीं गिरफ्तार तीनों मुख्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। साथ ही साइबर ठगी से अर्जित रकम का पता लगाने के लिए संबंधित बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने कहा कि नोएडा पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।