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उत्तर प्रदेश: जनगणना-2027 प्रशिक्षण कार्यक्रम का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता पर दिया जोर
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जनगणना-2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जनपद शाहजहांपुर में प्रशिक्षण प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। दिनांक 15 अप्रैल 2026 को जनपद के सभी
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जनगणना-2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जनपद शाहजहांपुर में प्रशिक्षण प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। दिनांक 15 अप्रैल 2026 को जनपद के सभी जनगणना चार्ज—नगर निगम, तहसील, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत एवं छावनी परिषद—में नियुक्त प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रथम बैच का प्रशिक्षण प्रातः 09:30 बजे से सायं 06:00 बजे तक प्रारम्भ कराया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु संबंधित उप जिलाधिकारी, जनगणना चार्ज अधिकारी, अपर नगर आयुक्त, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की ड्यूटी विभिन्न प्रशिक्षण स्थलों पर लगाई गई है। साथ ही संबंधित उप जिलाधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रशिक्षण केंद्रों का सतत निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे शासन द्वारा निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाले सभी कार्मिकों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की गई हैं। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला जनगणना अधिकारी उपस्थित रहे तथा उनकी अध्यक्षता में प्रशिक्षण सत्र संपन्न कराया गया। उनके द्वारा दून इंटरनेशनल स्कूल एवं रियान जीआईसी स्कूलों का भी निरीक्षण किया गया, जहां प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा था, तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने कैंट स्थित नालंदा विद्यालय पहुंचकर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कार्मिकों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं उपयोगिता के संबंध में जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षकों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण को अधिक से अधिक व्यवहारिक एवं विस्तृत बनाया जाए, ताकि सभी कार्मिक विषय-वस्तु को भली-भांति समझ सकें एवं फील्ड में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। जिलाधिकारी ने यह भी अवगत कराया कि प्रशिक्षण उपरांत एक मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता उच्च स्तर की रही है तथा प्रतिभागियों ने अपेक्षित ज्ञान अर्जित किया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि जनगणना-2027 का प्रथम चरण पूर्ण सटीकता, पारदर्शिता एवं दक्षता के साथ संपन्न कराया जाए। जिलाधिकारी द्वारा प्रशिक्षण की गुणवत्ता की निगरानी हेतु वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न तहसीलों में नोडल पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया गया है, जो प्रशिक्षण कार्यक्रम के विभिन्न बैचों—प्रथम बैच (15, 16, 17 अप्रैल), द्वितीय बैच (20, 21, 22 अप्रैल) तथा तृतीय बैच (23, 24, 25 अप्रैल)—के दौरान नियमित निरीक्षण करेंगे। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि सूचना के बावजूद यदि कोई प्रगणक अथवा पर्यवेक्षक प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहता है, तो उसके विरुद्ध जनगणना अधिनियम-1948 के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी।
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