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उत्तर प्रदेश: करहिया होम्योपैथिक केंद्र हुआ बंद, ग्रामीणों ने किया जमकर प्रदर्शन
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: दुद्धी तहसील व विकास खण्ड कोन के ग्राम पंचायत करहिया में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय और चिकित्सा उप केन्द्र एएनएम सेंटर में कई वर्षो से लटक रहा है ताला
विस्तार
उत्तर प्रदेश: दुद्धी तहसील व विकास खण्ड कोन के ग्राम पंचायत करहिया में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय और चिकित्सा उप केन्द्र एएनएम सेंटर में कई वर्षो से लटक रहा है ताला और वहीं डॉक्टर व एएनएम सहित अन्य नदारत। बतातें चलें कि जनपद का सबसे पिछड़ा व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र दुद्धी तहसील व विकास खण्ड कोन के ग्राम पंचायत करहिया का सबसे बड़ा चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री आदिवासियों के लिए तरह तरह की योजनाएं व स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए कटिवद्ध है, वहीं राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय में नियुक्त होम्योपैथिक चिकित्सक कई वर्षों से गायब हैं। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार कई वर्षों से घर बैठे बैठे वेतन उठा रहे हैं और जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो उप केन्द्र पर एएनएम हैं और न ही होम्योपैथिक चिकित्सक व अन्य स्टॉफ जिससे लोगों को ईलाज व टिकाकरण प्रभावित हो रहा है। बतातें चलें कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहा है और केन्द्र पर गंदगी और झाड़ियों को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। जिसके क्रम में बुधवार को सुबह लगभग 11.30 बजे समाजसेवी कुंदन यादव की अगुवाई में जोरदार प्रदर्शन कर तत्काल लापरवाह गायब होम्योपैथिक चिकित्सक सहित अन्य कर्मचारी व एएनएम के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि होम्योपैथिक चिकित्सक सहित अन्य स्टॉफ वर्षो से घर बैठे वेतन ले रहे है और जनपद के संबंधित अधिकारी चुप्पी साधे हुए कागजी कोरम पूरा करने में मशगुल हैं। बतातें चलें कि कुछ दिन पूर्व स्थानीय लोगों द्वारा संबंधित चिकित्सक व अन्य के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया गया था। जिसकी खबर समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी जिसके क्रम में खबर का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी कागजी कोरम पूरा करने करहिया पहुंचे। वहीं स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि खबर प्रकाशित होने के बाद पहले उक्त केन्द्र पर डॉक्टरों की टीम पहुंचती है उसके कुछ देर बाद जाँच अधिकारी की टीम पहुंची पर ठोस कार्रवाई नहीं दिखा। वहीं स्थानीय निवासी रामनिहोर ने बताया कि कई वर्षों से राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय और उप केन्द्र एएनएम सेंटर करहिया वीरान पड़ा है जिससे स्थानीय लोगों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है जिससे राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा से मिलने वाला लाभ व बच्चों,गर्भवती महिलाओं का टिकाकरण प्रभावित हो रहा है और खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग के कर्मचारी स्थानीय लोगों से साईन कराने में ब्यस्त हैं ताकि उनका वेतन आहरण हो सके। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के नाम शिकायती पत्र लिखकर ध्यान आकृष्ट कराते हुए संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई और डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारियो व एएनएम की उपर नकेल कसने की मांग किया है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से कुंदन, रामनिहोर, बाबूलाल , देवकुमार, बजरंगी , द्वारिका , ब्रह्मदेव , रामनिहोर आदि शामिल रहे । इस बावत मुख्य चिकित्साधिकारी पी के राय ने सेल फोन पर बताया कि उक्त सेंटर पर फर्मासिस्ट व सीएचओ की नियुक्ति है। बहरहाल मामले की जाँच व स्पष्टीकरण के लिए सीएचसी अधीक्षक को निर्देशित करने की बातें कही। वहीं जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी ने कहा कि खबर प्रकाशित होने के बाद जाँच के क्रम में कुछ दिन पूर्व उक्त केन्द्र पर गया था, जहाँ संबंधित चिकित्साधिकारी सहित फर्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी मार्च महीनें का वेतन अवरूद्ध करते हुए स्पष्टीकरण के साथ साक्ष्य माँगा गया है। उसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जायेगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या योगीराज में गायब चिकित्सक व कर्मचारियों के ऊपर कार्रवाई होती है या सरकारी फाईलों में दबकर रह जायेगा।
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