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उत्तर प्रदेश: नगर निगम का 738 करोड़ का बजट पारित, विकास कार्यों पर दिया जोर

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ghanshyam Das , Date: 07/02/2026 12:29:36 pm Share:
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  • 07/02/2026 12:29:36 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर माननीय महापौर डॉक्टर अजय सिंह की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड कार्यकारणी की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 738 करोड़ 48 लाख 57 हजार रुपये का मूल बजट प्रस्तुत किया गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर माननीय महापौर डॉक्टर अजय सिंह की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड कार्यकारणी की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 738 करोड़ 48 लाख 57 हजार रुपये का मूल बजट प्रस्तुत किया गया। यह बजट गत वर्ष के मूल बजट से 47 करोड़ 65 लाख 61 हजार रुपये ज्यादा है। बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। बजट में 102 करोड़ 44 लाख 60 हजार रुपये स्वअर्जित आय का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य गत वर्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 की स्व अर्जित आय से 33 करोड़ 36 लाख 30 हजार रुपये अधिक है। लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 738 करोड़ 48 लाख 57 हजार रुपये का मूल बजट प्रस्तुत किया। बजट में 32 गांवों के लिए अलग से 06 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अंतयेष्टि स्थल विकास के लिए दो करोड़ तथा विकास निधि के रुप में 12 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। लेखाधिकारी ने कार्यकारणी के समक्ष बजट रखते हुए बताया कि बजट में जलकल के लिए 59 करोड़ 20 लाख, निर्माण के लिए 260 करोड़ 15 लाख, स्वास्थय के लिए 21 करोड़ 30 लाख, गौशाला के लिए 08 करोड़ 25 लाख रुपये तथा उद्यान के लिए 06 करोड़ 18 लाख रुपये की व्यवस्था की गयी है। चर्चा के बाद बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। महापौर डॉक्टर अजय कुमार ने कहा कि शहर में जो भी व्यवसायिक गतिविधियां हो रही हैं उन सभी को लाइसेंस शुल्क के दायरे में लाएं। पार्षदों के सुझाव पर नगरायुक्त शिपू गिरि ने निजी स्कूलों, स्कूल बसों और आरामशीनों को लाइसेंस शुल्क के दायरे में लाने के सम्बंध में प्रस्ताव बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

 

महापौर ने निर्माण कार्यो में गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य कराने पर जोर देते हुए कहा कि जो ठेकेदार विलंब करते है, ऐसे ठेकेदारों को चिह्नित कर उन पर शिकंजा कसा जाए। उन्होंने डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना की धनराशि का सद्उपयोग करने के भी निर्देश दिए। महापौर ने जलकल विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां भी नाला निर्माण हो वहां यह सुनिश्चित कर लें कि पेयजल पाइप लाइन उसे क्रॉस न करे। पार्षदों ने भवन नामान्तरण कार्य तथा जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र प्रक्रिया के सरलीकरण की मांग की। इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था, वार्डो में सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाने, बेहट बस अड्डे पर बसों की पार्किंग के लिए शुल्क में वृद्धि कर पुनः पार्किंग के लिए यूनियन को देने, हबीबगढ़ रोड का निर्माण कराने, कुत्तों के लिए शैल्टर होम बनवाने, जिन क्षेत्रों में वाटर पाइप लाइन नहीं है वहां पाइप लाइन बिछवाने, प्रत्येक अंत्येष्टि स्थल पर हाई मास्ट लाईट लगवाने, कूड़ा घरों को हटाकर वहां सेल्फी प्वाइंट बनवाने, खनन की गाड़ियों और ट्रैक्टर ट्रालियों को भी लाइसेंस शुल्क के दायरे में लाने आदि विषयों पर कार्यकारणी सदस्यों ने विस्तार से चर्चा की। चर्चा में उपसभापति मयंक गर्ग, संजय सैनी, राजेंद्र सिंह कोहली, फजलुर्रहमान, मंसूर बदर, अनुज जैन, दिग्विजय चौहान, सुलेख चंद, अभिषेक अरोड़ा टिंकू, ज्योति अग्रवाल व आरती ने हिस्सा लिया। बैठक में निगम के सभी अधिकारी मौजूद रहे।