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छत्तीसगढ़: 9 मई से शुरू होगा 15 दिवसीय भव्य आध्यात्मिक समागम, कार्यक्रम की तैयारियां तेज 

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छत्तीसगढ़  Published by: Arasad Ali , Date: 06/05/2026 10:56:03 am Share:
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  • 06/05/2026 10:56:03 am
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संक्षेप

छत्तीसगढ़: सूरजपुर जिले के ग्राम सेमरा में आगामी 9 मई से एक भव्य आध्यात्मिक समागम होने जा रहा है। 

विस्तार

छत्तीसगढ़: सूरजपुर जिले के ग्राम सेमरा में आगामी 9 मई से एक भव्य आध्यात्मिक समागम होने जा रहा है। श्रृंगी ऋषि की पावन तपोभूमि पर आयोजित होने वाले इस 15 दिवसीय प्रवचन एवं आशीर्वाद कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बाबा मुकेश महाराज जी स्वयं सूरजपुर पहुँचे और आयोजन स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया।
बाबा मुकेश महाराज जी श्री शीतला माता सेवा धाम जनकल्याण ट्रस्ट (चन्दासी, चन्दौली) के संस्थापक अध्यक्ष होने के साथ-साथ भारतीय मीडिया फाउंडेशन (BMF) के नेशनल सांस्कृतिक फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सनातन राष्ट्र भारत रक्षक महामोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव हैं। उनके आगमन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

वरिष्ठ पदाधिकारियों ने की तैयारी बैठक

कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आयोजन स्थल पर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर भारतीय मीडिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय डिप्टी चेयरमैन मिथिलेश कुमार मौर्य, कार्यक्रम सलाहकार गोपाल दीक्षित, छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रशासक राज्यवर्धन पांडेय, बिलासपुर जिला उपाध्यक्ष आशुतोष पांडेय और काशी के विद्वान पंडित गौरव पांडेय सहित कई वरिष्ठ धर्माचार्य उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, आवास और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े विषयों पर गंभीरता से चर्चा की गई।

15 दिनों तक बहेगी धर्म की गंगा

श्री शीतला माता सेवा धाम जनकल्याण ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित यह कार्यक्रम 9 मई 2026 से प्रारंभ होकर 23 मई 2026 तक निरंतर चलेगा। प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 5:30 बजे तक बाबा मुकेश महाराज जी श्रद्धालुओं को अपने वचनों से लाभान्वित करेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना और पीड़ित मानवता की सेवा करना है। कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए राज्यवर्धन पांडेय ने कहा कि श्रृंगी ऋषि की यह पवित्र भूमि 15 दिनों तक अध्यात्म और सनातन संस्कृति के केंद्र के रूप में पहचानी जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमियों से आग्रह किया है कि वे इस आध्यात्मिक महाकुंभ में सपरिवार पधारें और पुण्य लाभ अर्जित करें। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सहायता और ठहरने की विशेष व्यवस्था की है।