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छत्तीसगढ़: 6 से 14 अप्रैल तक श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ व श्रीराम कथा का भव्य आयोजन

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छत्तीसगढ़  Published by: Prabhesh Mishra , Date: 18/03/2026 03:59:47 pm Share:
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  • 18/03/2026 03:59:47 pm
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संक्षेप

छत्तीसगढ़: नगर पंचायत भटगांव में आगामी 6 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक भव्य नव दिवसीय पंचकुण्डीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है।

विस्तार

छत्तीसगढ़: नगर पंचायत भटगांव में आगामी 6 अप्रैल से 14 अप्रैल 2026 तक भव्य नव दिवसीय पंचकुण्डीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह धार्मिक आयोजन शिवमंदिर भटगांव परिसर में संपन्न होगा, जिसे लेकर पूरे नगर एवं आसपास के क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। आयोजन समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस महायज्ञ एवं कथा का उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है। 6 अप्रैल, सोमवार को भव्य कलश यात्रा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके पश्चात रामायण महात्म्य पर आधारित कथा का प्रारंभ किया जाएगा। कथा में भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा, जिसमें राम जन्म, धनुष यज्ञ, श्रीराम विवाह, वनवास, भरत मिलाप, सीता हरण, बाली वध और अंत में श्रीरामराज्याभिषेक तक की झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। 7 अप्रैल (मंगलवार): अग्नि स्थापना, सती चरित्र एवं शिव विवाह 8 अप्रैल (बुधवार): रावण अत्याचार, पृथ्वी की पुकार 9 से 13 अप्रैल: श्रीराम कथा के विभिन्न प्रसंगों का वाचन एवं मंचन। 


विद्वान कथा वाचक की उपस्थिति इस धार्मिक आयोजन में यज्ञाचार्य के रूप में आचार्य पंडित श्री आशीष पाण्डेय जी महाराज अपनी ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का रसपान कराएंगे। विशेष बात यह है कि जो श्रद्धालु कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे, उनके लिए कथा का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुण्य अवसर का लाभ उठा सकें। शिवमंदिर समिति भटगांव एवं समस्त नगरवासियों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होकर धर्मलाभ अर्जित करें और इस पुण्य यज्ञ के सहभागी बनें। “तुलसी पंक्षी के पिये घटे न सरिता नीर, दान किये धन ना घटे जो सहाय रघुवीर”इसी भावना के साथ यह आयोजन समाज में सेवा, समर्पण और श्रद्धा का संदेश देगा।