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गुजरात: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भरण-पोषण घटाकर 7,500 रु./माह करने का दिया आदेश
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संक्षेप
गुजरात: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरफराज VS उत्तर प्रदेश राज्य व 2 अन्य (क्रिमिनल रिवीजन नं. 1116/2025, निर्णय दिनांक 17 मार्च 2026, न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह) में गुजारा भत्ता मामले में अहम फैसला दिया।
विस्तार
गुजरात: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरफराज VS उत्तर प्रदेश राज्य व 2 अन्य (क्रिमिनल रिवीजन नं. 1116/2025, निर्णय दिनांक 17 मार्च 2026, न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह) में गुजारा भत्ता मामले में अहम फैसला दिया। फैमिली कोर्ट, आगरा ने पहले पत्नी को 7,000 रु. और बच्चे को 4,000 रु. (कुल 11,000 रु./माह) देने का आदेश दिया था, जिसे पति ने चुनौती दी। हाईकोर्ट ने पाया कि पति की सटीक आय का प्रमाण नहीं है, इसलिए उसकी आय का अनुमान 30,000 रु./माह (लगभग 1,000 रु./दिन) लगाया गया। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश (लगभग 25% आय) के आधार पर कोर्ट ने भत्ता घटाकर कुल 7,500 रु./माह कर दिया और कहा कि भरण-पोषण पति का दायित्व है, लेकिन राशि "उचित और आय के अनुरूप" होनी चाहिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह राशि आवेदन की तिथि से देय होगी। पहले जमा राशि समायोजित की जाएगी और बकाया 20 मासिक किस्तों में चुकाना होगा।
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