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हरियाणा: ब्राइट किंगडम स्कूल में पेरेंट्स काउंसलिंग सेशन, संवाद से बच्चों के विकास पर जोर

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हरियाणा  Published by: Kapoor Chand , Date: 23/02/2026 12:20:02 pm Share:
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  • 23/02/2026 12:20:02 pm
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संक्षेप

हरियाणा: ब्राइट किंगडम प्रैगमैटिक स्कूल, शिव विहार पलवल में “संवाद से समाधान” विषय पर एक विशेष पेरेंट्स काउंसलिंग सेशन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विस्तार

हरियाणा: ब्राइट किंगडम प्रैगमैटिक स्कूल, शिव विहार पलवल में “संवाद से समाधान” विषय पर एक विशेष पेरेंट्स काउंसलिंग सेशन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों और बच्चों के बीच बढ़ती दूरी को कम करना तथा बच्चों के समग्र विकास के लिए स्कूल और परिवार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्कूल के प्रेसीडेंट श्री जितेश कौशिश जी ने अभिभावकों को संबोधित किया। उन्होंने आज की Gen G और Gen Alpha पीढ़ी के बीच बढ़ते गैप तथा माता-पिता और बच्चों के बीच बन रही दूरी पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि “आज के समय में बच्चों को केवल अनुशासन नहीं, बल्कि संवाद, समझ और भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता है। जब माता-पिता बच्चों की बात ध्यान से सुनते हैं, तभी वास्तविक समाधान निकलता है।”बच्चों के साथ प्रतिदिन गुणवत्तापूर्ण समय व्यतीत करें। डिजिटल उपकरणों के उपयोग में संतुलन बनाएं। बच्चों की रुचि और क्षमता को पहचानकर करियर मार्गदर्शन दें। डांट की बजाय संवाद को प्राथमिकता दें। शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों के विकास की संयुक्त योजना बनाएं। कार्यक्रम में करियर काउंसलिंग सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें श्री सोनू देशवाल जी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल स्कूल की पढ़ाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही फाउंडेशन क्लासेज की आवश्यकता होती है।

 

उन्होंने समझाया कि यदि सही दिशा में समय रहते तैयारी शुरू की जाए, तो 12वीं के बाद प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश प्राप्त करना आसान हो जाता है। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने खुलकर अपने प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा संतोषजनक समाधान किया गया। सकारात्मक और संवादात्मक वातावरण में बच्चों की पढ़ाई, आत्मविश्वास, अनुशासन और मानसिक विकास जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। अंत में सभी अभिभावकों ने कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा कि स्कूलों में ऐसे काउंसलिंग कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए, ताकि अभिभावक और शिक्षक मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकें। स्कूल प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया।