Contact for Advertisement 9919916171


हरियाणा: स्वतंत्रता संग्राम की वीर गाथाओं से रूबरू हुई नई पीढ़ी, सिंघवा राघो में लगी ऐतिहासिक प्रदर्शनी

- Photo by : social media

हरियाणा  Published by: Anil , Date: 18/08/2026 05:41:26 pm Share:
  • हरियाणा
  • Published by: Anil ,
  • Date:
  • 18/08/2026 05:41:26 pm
Share:

विस्तार

हरियाणा: हांसी क्षेत्रीय अभिलेखागार, हिसार मंडल की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सिंघवा राघो में दो दिवसीय ऐतिहासिक दस्तावेज एवं दुर्लभ छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। 18 और 19 अगस्त को आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को स्वतंत्रता संग्राम, हरियाणा के वीर स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराना है। प्रदर्शनी का शुभारंभ जिला परिषद चेयरमैन सोनू डाटा ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां युवा पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि हांसी के 23वें नए जिले बनने के बाद सिंघवा राघो में आयोजित यह पहली प्रदर्शनी क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। सहायक निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि अभिलेखागार में संरक्षित ऐतिहासिक दस्तावेज हमारे अतीत की जीवंत धरोहर हैं। स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण के लिए विभाग की ओर से ‘अभिलेख दान अभियान’ भी चलाया जा रहा है।

प्रदर्शनी में वर्ष 1857 से 1947 तक के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज और छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। इनमें लाला हुकम चंद जैन, मुनीर बेग, नवाब अब्दुर्रहमान खान, राजा नाहर सिंह और राव तुलाराम सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष एवं बलिदान की झलक देखने को मिली।इसके अलावा 1857 के हिसार संघर्ष, नीलाम किए गए गांवों से जुड़े दस्तावेज, राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाओं की भूमिका, भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव से  संबंधित सामग्री तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हिसार यात्रा से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण रहे। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सदस्यों का दुर्लभ चित्र भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना। डॉ. उमाशंकर सिंह ने विद्यार्थियों को इतिहास के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि इतिहास हमें वर्तमान को समझने और बेहतर भविष्य की दिशा तय करने में मदद करता है। विद्यालय की प्रधानाचार्य राजबाला ने अतिथियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का स्वागत किया। प्रदर्शनी का अब तक 200 से अधिक विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने दुर्लभ दस्तावेजों और छायाचित्रों में विशेष रुचि दिखाई तथा स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
 


Featured News