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उत्तर प्रदेश: गोरखपुर जेल में बंद गैंगस्टर अंशिका सिंह का डांस-गाने में व्यस्त दिन, जेल प्रशासन करा रहा काउंसलिंग
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गोरखपुर जेल में बंद गैंगस्टर अंशिका सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन जेल के अंदर उसकी दिनचर्या काफी अलग अंदाज में गुजर रही है। सूत्रों के अनुसार, फिट और स्लिम बने रहने के लिए वह रोज भोजपुरी गानों पर गाकर और डांस करके समय बिताती है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गोरखपुर जेल में बंद गैंगस्टर अंशिका सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन जेल के अंदर उसकी दिनचर्या काफी अलग अंदाज में गुजर रही है। सूत्रों के अनुसार, फिट और स्लिम बने रहने के लिए वह रोज भोजपुरी गानों पर गाकर और डांस करके समय बिताती है। कई बार वह अन्य महिला बंदियों को भी अपने साथ डांस करने के लिए प्रेरित करती है। बताया जाता है कि अंशिका को पहले से ही गाने और नाचने का शौक रहा है। जेल में वह कभी मजेदार बातें तो कभी चुटकुले सुनाकर महिला बंदियों को हंसाती रहती है। कुछ ही समय में जेल की ज्यादातर महिला बंदियां उससे अच्छी तरह परिचित हो गई हैं। जन्मदिन के दिन हुई थी फायरिंग की घटना 20 जनवरी को अंशिका सिंह का जन्मदिन था। उसी दिन खोराबार क्षेत्र में एक युवक के पेट में गोली मारने की घटना से सनसनी फैल गई थी। इस वारदात के बाद अंशिका का नाम सामने आया और उसके कई पुराने कारनामों की भी चर्चा होने लगी। घटना के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके साथियों सहित जेल भेज दिया। करीब डेढ़ महीने से ज्यादा समय से वह जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि जेल से बाहर आने के लिए वह रिश्तेदारों के जरिए कोशिश भी कर रही है, लेकिन इसी बीच खोराबार थाने में उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इससे उसकी जमानत की प्रक्रिया और मुश्किल हो सकती है। महिला बंदियों के साथ बिताती है समय जेल में अंशिका सिंह अपना अधिकतर समय महिला बंदियों के साथ हंसी-मजाक में बिताती है। वह उन्हें डांस करके दिखाती है और कई बार डांस के स्टेप भी सिखाती है। बातचीत के दौरान वह बंदियों से कहती है कि उसकी पहुंच काफी दूर तक है और वह जल्द ही जेल से बाहर आ जाएगी। जेल प्रशासन करा रहा है काउंसलिंग जेल प्रशासन की ओर से अंशिका की काउंसलिंग भी कराई जा रही है। महिला काउंसलर समय-समय पर उससे मुलाकात कर बातचीत करती हैं और उसे भविष्य में सही रास्ता अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं। हालांकि अंशिका काउंसलर से भी हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत करती रहती है। बुआ ही मिलने आती हैं जेल जेल जाने के बाद लंबे समय तक उससे मिलने कोई नहीं आया था। बताया जाता है कि अंशिका के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। गोलीकांड और ब्लैकमेलिंग के मामलों में नाम आने के बाद कई रिश्तेदारों ने उससे दूरी बना ली। फिलहाल उससे मिलने उसकी बुआ ही जेल पहुंचती हैं और अंशिका अपनी अधिकतर बातें उन्हीं से साझा करती है। पेट दर्द की शिकायत पर कराया गया इलाज सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले अंशिका सिंह को अचानक पेट दर्द की शिकायत हुई थी। पहले जेल के डॉक्टर ने उसका इलाज किया, लेकिन आराम न मिलने पर जेल प्रशासन ने एंबुलेंस से उसे मेडिकल कॉलेज भेजा। वहां डॉक्टरों ने जांच कर दवा दी, जिसके बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया।
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