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उत्तर प्रदेश: रामपुर मनिहारान में विराट हिंदू सम्मेलन, आध्यात्मिक एकता व संगठन पर दिया गया जोर

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ghanshyam Das , Date: 17/02/2026 11:41:39 am Share:
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: रामपुर मनिहारान नगर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन अत्यंत भव्य, आध्यात्मिक एवं राष्ट्रभावना से ओतप्रोत वातावरण में सम्पन्न हुआ।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: रामपुर मनिहारान नगर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन अत्यंत भव्य, आध्यात्मिक एवं राष्ट्रभावना से ओतप्रोत वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत योगा, देशभक्ति नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन राजू पंचाल जी ने प्रभावशाली ढंग से किया। ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय रामपुर मनिहारान की संचालिका बी के संतोष दीदी ने आध्यात्मिक संदेश देकर कार्यक्रम की रूप रेखा को आगे बढ़ाते हुए अपने दिव्य एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि सच्ची हिंदू एकता केवल बाहरी संगठन से नहीं, बल्कि आंतरिक आत्म-जागृति से आती है।

 

उन्होंने कहा कि जब मनुष्य स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा से जुड़ता है, तब उसके भीतर प्रेम, शांति, सहनशीलता और भाईचारे के संस्कार विकसित होते हैं। बी के संतोष दीदी जी ने बताया कि आज समाज को आध्यात्मिक शक्ति की आवश्यकता है, जिससे हम नकारात्मकता पर विजय प्राप्त कर सकें। उन्होंने सभी को राजयोग ध्यान अपनाने और अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को धारण करने का संदेश दिया। विराट हिंदू सम्मेलन समारोह में पधारे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी यशवीर जी महाराज पीठाधीश्वर, योग साधना आश्रम बखरा,लक्ष्मी नगर ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में हिंदू समाज को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी भेदभाव भूलकर सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित हों। उन्होंने युवाओं को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। स्वामी यशवीर जी महाराज ने कहा कि संगठित हिंदू समाज ही राष्ट्र को सशक्त और सुरक्षित बना सकता है। कार्य वाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देवबंद के मुख्य वक्ता माननीय मनीष जी ने कहा कि संगठन शक्ति ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने समाज में अनुशासन, सेवा और संस्कार की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति पर गर्व करें और राष्ट्रहित में कार्य करें।

 

 मुख्य वक्ता अरविंद जी ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज को वैचारिक रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है। उन्होंने पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और भारतीय परंपराओं के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन जैसे आयोजन समाज में जागरूकता और एकता का सशक्त माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा योग प्रदर्शन, देशभक्ति नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दी गईं। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ। उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया। सम्मेलन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, मातृशक्ति एवं युवाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। अंत में सभी ने हिंदू एकता एवं राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया।