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 उत्तर प्रदेश: ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी ने रक्तदान कर बचाई मुस्लिम युवती की जान, पेश की मानवता की मिसाल

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उत्तर प्रदेश  Published by: Rakesh Kumar Sharma , Date: 08/07/2026 12:40:38 pm Share:
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  • 08/07/2026 12:40:38 pm
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उत्तर प्रदेश: सहारनपुर में सदर बाजार थाने की एंटी रोमियो स्क्वॉड में तैनात पुलिसकर्मी जितेंद्र चौहान ने समय पर रक्तदान कर एक मुस्लिम युवती की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इस मानवीय कार्य की अस्पताल में मौजूद लोगों, चिकित्सकों और युवती के परिजनों ने सराहना की।

रक्त की जरूरत पड़ने पर तुरंत पहुंचे अस्पताल

जानकारी के अनुसार, एक मुस्लिम युवती की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने तत्काल रक्त की आवश्यकता बताई। परिजनों और स्थानीय पत्रकार अंकित सिंह ने रक्त की व्यवस्था के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो सका।

सूचना मिलते ही ड्यूटी से पहुंचे पुलिसकर्मी

इसी दौरान पत्रकार द्वारा एक मीडिया ग्रुप में रक्त की आवश्यकता संबंधी सूचना साझा की गई। सूचना मिलते ही एंटी रोमियो स्क्वॉड में तैनात पुलिसकर्मी **जितेंद्र चौहान** ड्यूटी के दौरान ही बिना किसी भेदभाव के जिला अस्पताल पहुंचे और रक्तदान किया। समय पर रक्त मिलने से चिकित्सकों ने युवती का उपचार जारी रखा और उसकी जान बचाने में सफलता मिली।

परिजनों और चिकित्सकों ने जताया आभार

युवती के परिजनों ने पुलिसकर्मी के इस मानवीय कदम के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में उनके लिए सबसे बड़ा धर्म इंसानियत थी। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों और अन्य लोगों ने भी जितेंद्र चौहान की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना की।

मानवता और सामाजिक सौहार्द का दिया संदेश

स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय मानव सेवा का भी महत्वपूर्ण दायित्व निभाती है। जितेंद्र चौहान के इस कार्य ने सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी विश्वास का सकारात्मक संदेश दिया है। रक्तदान को महादान माना जाता है, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। पुलिसकर्मी जितेंद्र चौहान का यह कदम समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है और यह संदेश देता है कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।