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उत्तर प्रदेश: दरोगा भर्ती पेपर विवाद पर योगी ने सभी आयोगों को स्पष्ट निर्देश दिए
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Omprakash Tiwari , Date: 16/03/2026 12:03:17 pm Share:
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  • 16/03/2026 12:03:17 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: लखनऊ योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़े विवाद पर सख्त रुख अपनाया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: लखनऊ योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़े विवाद पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने सभी भर्ती आयोगों और बोर्डों के अध्यक्षों को निर्देश दिया है कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा और आस्था के विषय में अमर्यादित टिप्पणी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग व बोर्ड के अध्यक्ष इस मामले का संज्ञान लेते हुए सभी पेपर सेटर्स को स्पष्ट निर्देश दें। साथ ही आदतन अपराध करने वालों को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय को पेपर सेटर्स के एमओयू का भी हिस्सा बनाया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों। प्रदेश में वर्तमान में छह भर्ती आयोग और बोर्ड हैं, जो विभिन्न भर्तियों के लिए प्रश्नपत्र तैयार कराने के साथ परीक्षाओं का आयोजन करते हैं। दरोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्न को लेकर उत्पन्न विवाद के बाद मुख्यमंत्री ने रविवार सुबह सभी संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश जारी किए।

 

पश्चिमी यूपी में बारिश से फसलों के नुकसान का आकलन करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने रविवार सुबह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई बारिश से फसलों को होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी भी ली। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और अधिकारियों को फील्ड में रहकर किसानों से संवाद करने और फसलों के नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत आयुक्त फील्ड के अधिकारियों से सीधा समन्वय बनाए रखें और फसलों को हुई क्षति का आकलन प्राप्त कर समय पर मुआवजे के वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। ‘पंडित’ विकल्प पर उच्च शिक्षा मंत्री ने जताई आपत्ति , इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रश्न के विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द शामिल किए जाने पर सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है और मामले की जांच की मांग की है।

 

राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री Yogendra Upadhyay ने इसे अनुचित और आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि इस तरह का कदम सामाजिक समरसता को प्रभावित करने वाला है। उन्होंने कहा कि यह कृत्य मानसिक विकृति से ग्रस्त किसी प्रश्नपत्र तैयार करने वाले की जानबूझकर की गई हरकत प्रतीत होता है। मंत्री ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि किसी भी जाति, वर्ग या परंपरा का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं देवरिया से भाजपा विधायक Shalabh Mani Tripathi ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।