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गुजरात: डिमोलिशन के बीच पेड़ों के संरक्षण की मांग, हीट वेव में हरियाली पर दिया गया जोर

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गुजरात  Published by: Maheshwari Kanjibhai Naranbhai , Date: 28/04/2026 11:12:04 am Share:
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  • Published by: Maheshwari Kanjibhai Naranbhai ,
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  • 28/04/2026 11:12:04 am
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संक्षेप

गुजरात: गांधीधाम शहर में महानगरपालिका द्वारा सड़कों पर चल रहे डिमोलिशन कार्य के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया है। 

विस्तार

गुजरात: गांधीधाम शहर में महानगरपालिका द्वारा सड़कों पर चल रहे डिमोलिशन कार्य के बीच पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया है। सड़क किनारे मौजूद घने और हरे-भरे पेड़ों को लेकर स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि वर्तमान हीट वेव की स्थिति में यही पेड़ आमजन को राहत देने का सबसे बड़ा सहारा हैं। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के चलते जहां एक ओर तापमान लगातार नए रिकॉर्ड छू रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर में चल रहे विकास कार्यों के दौरान पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई है। पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि ऐसे समय में पेड़ों को काटने के बजाय उनके संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क किनारे लगे पेड़ न केवल छाया प्रदान करते हैं, बल्कि वायु को शुद्ध करने, तापमान को नियंत्रित करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि विकास कार्यों के नाम पर इन पेड़ों को हटाया जाता है, तो इसका सीधा असर पर्यावरण और आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।


विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में हरियाली की कमी पहले से ही एक गंभीर समस्या बनी हुई है। ऐसे में यदि मौजूदा पेड़ों का भी संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए निर्णय लिए जाएं। इस मुद्दे पर एडवोकेट कंजिभाई नाराण महेश्वरी ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “विकास जरूरी है, लेकिन यदि यह विकास प्रकृति के विनाश की कीमत पर होता है, तो इसके दूरगामी परिणाम बेहद गंभीर होंगे। वर्तमान हीट वेव को देखते हुए पेड़ों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।”
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि डिमोलिशन कार्य के दौरान पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और जहां संभव हो, वहां नए पेड़ भी लगाए जाएं। साथ ही, आम जनता से भी अपील की गई है कि वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहें और इस दिशा में सहयोग करें। गौरतलब है कि देशभर में बढ़ती गर्मी और बदलते मौसम के कारण पर्यावरण संरक्षण एक अहम मुद्दा बन चुका है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर उठाई जा रही इस तरह की पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि भविष्य के लिए भी आवश्यक कदम साबित हो सकती है।