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गुजरात: शिक्षा सुविधाओं की कमी, TET परीक्षा में छात्रों को परेशानी

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गुजरात  Published by: Maheshwari Kanjibhai Naranbhai , Date: 13/04/2026 02:01:03 pm Share:
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  • 13/04/2026 02:01:03 pm
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संक्षेप

गुजरात: कच्छ जिला आज भी देश के उन क्षेत्रों में शामिल है, जहाँ शिक्षा और उच्च शिक्षण संस्थानों की पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं

विस्तार

गुजरात: कच्छ जिला आज भी देश के उन क्षेत्रों में शामिल है, जहाँ शिक्षा और उच्च शिक्षण संस्थानों की पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं। हजारों छात्र-छात्राएँ आज भी विश्वविद्यालय और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मूलभूत व्यवस्थाओं से वंचित हैं, जिसके कारण उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। हाल ही में आयोजित टीईटी (Teacher Eligibility Test) परीक्षा ने इस समस्या को और उजागर कर दिया। कच्छ से अहमदाबाद परीक्षा देने आने वाले हजारों परीक्षार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लंबी दूरी तय करके पहुँचने वाले इन युवाओं के लिए न तो उचित रहने की व्यवस्था थी और न ही भोजन या अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध थीं। कई परीक्षार्थियों को भूखे रहकर परीक्षा देनी पड़ी, तो कई को रातभर सफर कर थकान के बावजूद परीक्षा में बैठना पड़ा। स्थानीय युवाओं और अभिभावकों का कहना है कि इस तरह की परिस्थितियों में छात्रों के लिए अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करना बेहद कठिन हो जाता है। उनका मानना है कि अगर कच्छ जिले में ही परीक्षा केंद्र और विश्वविद्यालय की बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ, तो छात्रों को इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।


इस मुद्दे को लेकर अब लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठनों ने सरकार से मांग की है कि कच्छ जिले में स्थायी रूप से टीईटी जैसी परीक्षाओं के लिए केंद्र स्थापित किए जाएँ और उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय स्तर की सुविधाएँ विकसित की जाएँ। लोगों का कहना है कि कच्छ जैसे बड़े जिले को शिक्षा के क्षेत्र में नजरअंदाज करना उचित नहीं है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यहाँ के हजारों युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो सकता है। अब देखना यह है कि सरकार इस गंभीर मुद्दे को कितनी प्राथमिकता देती है और कच्छ के युवाओं को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाती है।