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झारखण्ड: छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल की बदहाल व्यवस्था हुई उजागर, अस्पताल मिला खाली

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झारखण्ड  Published by: Arun Kumar Ravi , Date: 30/05/2026 11:49:17 am Share:
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  • 30/05/2026 11:49:17 am
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संक्षेप

झारखण्ड: छतरपुर पलामू जिले के छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।

विस्तार

झारखण्ड: छतरपुर पलामू जिले के छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अस्पताल की अव्यवस्था और जिम्मेदारों की लापरवाही उस समय सामने आई, जब छतरपुर नगर पंचायत के उपाध्यक्ष मंजीत कुमार यादव एक गंभीर मरीज को इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर वहां न कोई डॉक्टर मौजूद मिला और न ही कोई स्वास्थ्य कर्मी या जिम्मेदार कर्मचारी मरीजों की देखरेख के लिए उपलब्ध था। बताया जा रहा है कि मरीज की हालत गंभीर थी और उसे तत्काल इलाज की आवश्यकता थी, लेकिन अस्पताल की लचर व्यवस्था के कारण समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी।

नगर पंचायत उपाध्यक्ष मंजीत कुमार यादव ने आरोप लगाया कि अस्पताल के कई वार्ड खाली पड़े थे और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले। उन्होंने कहा कि अनुमंडलीय अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन स्थिति के दौरान डॉक्टरों और कर्मचारियों का नदारद रहना बेहद गंभीर मामला है। भीषण गर्मी के बीच अस्पताल में पंखे बंद मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उमस और गर्मी से बेहाल कई लोग हाथ से पंखा झलते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में दवा, साफ-सफाई और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी भारी कमी है।

मंजीत कुमार यादव ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोग सरकारी अस्पताल पर भरोसा कर इलाज कराने आते हैं, लेकिन यहां की बदहाल व्यवस्था उन्हें निराश कर रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। घटना के बाद स्थानीय लोगों में अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्था सुधारने, नियमित डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा मरीजों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।