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मध्य प्रदेश: सीएम डॉ. मोहन यादव ने छात्राओं से किया संवाद, प्रवेशोत्सव में ड्रॉपआउट दर शून्य होने पर जताया गर्व
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: भोपाल प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर स्थित शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे।
विस्तार
मध्य प्रदेश: भोपाल प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर स्थित शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं से आत्मीय संवाद किया, उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली तथा स्कूल की प्रयोगशाला और शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री का स्नेहपूर्ण व्यवहार छात्राओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहा। उन्होंने कई छात्राओं से दुलार किया और उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गर्व का विषय है कि बीते तीन वर्षों में प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। विद्यालय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं से विज्ञान विषय और प्रयोगशाला से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। छात्राओं ने भी मुख्यमंत्री के सवालों का आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा और उत्साह की सराहना की। अचानक मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्राएं उत्साहित नजर आईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि शासकीय स्कूलों में कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 में नामांकन में 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं शासकीय विद्यालयों में 32.4 प्रतिशत की प्रगति देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के स्कूलों में 1 करोड़ 45 लाख विद्यार्थियों के नामांकन का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रदेश में 369 भव्य सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत भी की गई है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। गौरतलब है कि प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का पहला चरण 1 से 4 अप्रैल तक आयोजित किया गया था। उस दौरान भी मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग को ड्रॉपआउट दर शून्य करने के लिए बधाई दी थी।
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