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मध्य प्रदेश: रेत माफियाओं का बढ़ता आतंक, अवैध उत्खनन पर उठे गंभीर सवाल

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मध्य प्रदेश  Published by: Durgesh Kumar Gupta , Date: 30/05/2026 05:33:04 pm Share:
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  • 30/05/2026 05:33:04 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: शहडोल जिले में रेत माफियाओं का अवैध कारोबार लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिले के कई थाना क्षेत्रों में खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

विस्तार

मध्य प्रदेश: शहडोल जिले में रेत माफियाओं का अवैध कारोबार लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिले के कई थाना क्षेत्रों में खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, नदी क्षेत्रों और लदान स्थलों से बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर, हाईवा और अन्य वाहनों के जरिए दिन-रात रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी लगातार खुदाई होने के बावजूद कार्रवाई न के बराबर है, जिससे माफियाओं के हौसले और अधिक बुलंद हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार के पीछे कुछ जिम्मेदार विभागीय कर्मचारियों और माफियाओं की मिलीभगत से एक मजबूत नेटवर्क काम कर रहा है। चर्चा यह भी है कि अवैध वसूली का खेल भी इसी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसमें कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिना नंबर प्लेट वाले वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ते नजर आ रहे हैं, जिनके जरिए नदी से रेत निकालकर परिवहन किया जा रहा है, जिससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।

देवलोंद थाना क्षेत्र को अवैध रेत उत्खनन का प्रमुख केंद्र बताया जा रहा है, जहां माफियाओं का प्रभाव काफी अधिक है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विरोध करने वालों को धमकियां दी जाती हैं, जिसके कारण लोग खुलकर शिकायत करने से भी डरते हैं। लगातार शिकायतों और मीडिया में खबरें आने के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अब क्षेत्र के नागरिकों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और रेत माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की गई है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो अवैध रेत कारोबार और अधिक फैल सकता है, जिससे कानून व्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ेगा।