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राजस्थान: 25 मई से शुरू होगा नौतपा, रोहिणी नक्षत्र में सूर्य प्रवेश के साथ बढ़ेगी भीषण गर्मी

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राजस्थान  Published by: Shahihurehman , Date: 25/05/2026 02:18:37 pm Share:
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संक्षेप

राजस्थान: सूर्य देव 25 मई सोमवार को दिन  मे03.36बजे  रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे ।प्रवेश के उपरांत नौतपा की शुरुआत हो जायेगी  इन 9 दिनों में सूर्य प्रचंड गर्मी फैलाते हैं।

विस्तार

राजस्थान: सूर्य देव 25 मई सोमवार को दिन  मे03.36बजे  रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे ।प्रवेश के उपरांत नौतपा की शुरुआत हो जायेगी  इन 9 दिनों में सूर्य प्रचंड गर्मी फैलाते हैं। हर साल मई के अंतमें एव जून की शुरुआत में पड़ने वाले इन नौ दिनों को साल के सबसे गर्म दिनों में गिना जाता है। ज्योतिष शास्त्र और भारतीय पंचांग में इसका विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दौरान सूर्य की तपिश सबसे अधिक प्रभावशाली होती है। 
मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान टोंक के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि  इस वर्ष  2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। इन 9 दिनों में तेज धूप, गर्म हवाएं और लू का असर देखने को मिल सकता हैं। नौतपा 25 मई 2026 से शुरू होगा। इस दिन सूर्य रोहिणी नक्षत्र में दोपहर 03.36बजे प्रवेश करेंगे, जिसके साथ नौतपा की शुरुआत मानी जाती है। नौतपा 2 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। यानी पूरे 9 दिनों तक तेज गर्मी का असर रहेगा। इस दौरान कई राज्यों में तापमान सामान्य से ज्यादा जा सकता है। 


'नौतपा' का मतलब होता है नौ दिनों की तपन। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहते हैं तो धरती पर उनकी गर्मी का प्रभाव काफी बढ़ जाता है। इस समय सूर्य की किरणें सीधे और अधिक प्रभाव के साथ धरती पर पड़ती हैं। इसी वजह से तापमान तेजी से बढ़ भ है और लू चलने लगती है। मौसम विज्ञान भी इस समय को साल का सबसे गर्म दौर मानता है। पुरानी  मान्यताओं के अनुसार अगर नौतपा के दौरान अच्छी गर्मी पड़े तो आने वाला मानसून बेहतर माना जाता है। किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार नौतपा में सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। आदित्य हृदय स्तोत्र और गायत्री मंत्र का जाप भी लाभदायक माना जाता है। इसके अलावा घर में ठंडे और शांत वातावरण का ध्यान रखना भी अच्छा माना जाता है। इन दिनों शीतल चीजों का दान विशेष फलदायी माना गया है। जरूरतमंद लोगों को पानी, छाता, खरबूजा, तरबूज, बेल का शरबत, सत्तू और कपड़े दान करना शुभ माना जाता है। पक्षियों के लिए पानी रखना भी पुण्यदायी माना जाता है
नौतपा के दौरान शरीर में पानी की कमी होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए ज्यादा पानी पीना चाहिए। दोपहर की तेज धूप से बचना चाहिए और हल्का भोजन करना बेहतर माना जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
इन दिनों खाली पेट धूप में निकलने से बचना चाहिए। बहुत ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन कम करना अच्छा माना जाता है। इसके साथ ही घर में साफ-सफाई और ठंडे वातावरण का ध्यान रखना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र में नौतपा को सूर्य की ऊर्जा बढ़ने का समय माना गया है। इस दौरान सूर्य उपासना करने से आत्मबल, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है।


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