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उत्तर प्रदेश: स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर सीडीओ सख्त, अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: सोनभद्र जिले में स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को लेकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) एवं जिला स्वास्थ्य समिति की उपाध्यक्ष जागृति अवस्थी ने सख्त रुख अपनाया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: सोनभद्र जिले में स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही को लेकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) एवं जिला स्वास्थ्य समिति की उपाध्यक्ष जागृति अवस्थी ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में उन्होंने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने, लापरवाही बरतने वालों से स्पष्टीकरण लेने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि पात्र लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जेएसवाई भुगतान और एएनसी पंजीकरण में तेजी लाने के निर्देश सीडीओ ने सभी ब्लॉकों में संस्थागत प्रसव के सापेक्ष जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के कम से कम 90 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का भुगतान अगली बैठक से पहले सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) पंजीकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर चतरा, चोपन, दुद्धी और घोरावल के संबंधित अधीक्षकों एवं प्रभारी चिकित्साधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 90 प्रतिशत से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। अनुपस्थित कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई ब्लॉक स्तर पर तैनात वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सहायकों और लेखा लिपिकों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने संबंधित कर्मचारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने और उनसे स्पष्टीकरण लेने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय कार्यों में नियमित उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। एनआरसी में बढ़ेगी कुपोषित बच्चों की भर्ती पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में कुपोषित बच्चों की कम भर्ती पर चिंता जताते हुए सीडीओ ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की प्रत्येक टीम को प्रति सप्ताह कम से कम एक अति गंभीर कुपोषित (एसएएम) बच्चे को भर्ती कराने का लक्ष्य दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी माह में किसी टीम द्वारा एक भी बच्चे को भर्ती नहीं कराया गया तो संबंधित टीम का मानदेय रोकने के साथ उसके वाहन को जिला मुख्यालय से संबद्ध किया जाएगा। मातृ एवं शिशु मृत्यु का अनिवार्य ऑडिट सीडीओ ने जिले में होने वाली प्रत्येक मातृ एवं शिशु मृत्यु का अनिवार्य ऑडिट कराकर रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मृत्यु के आंकड़े छिपाने या सूचना देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गर्भवती महिलाओं की फोन पर होगी काउंसलिंग स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी ब्लॉकों में कॉल सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए। इनके माध्यम से गर्भावस्था के सातवें, आठवें और नौवें महीने में महिलाओं से फोन पर संपर्क कर पोषण, प्रसव पूर्व जांच और संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक किया जाएगा। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। पल्स पोलियो अभियान की कार्ययोजना पांच नवंबर तक परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत विशेष शिविर लगाकर महिला एवं पुरुष नसबंदी कार्यक्रमों में तेजी लाने तथा अस्थायी गर्भनिरोधक साधनों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। आगामी पल्स पोलियो अभियान के लिए सभी ब्लॉकों को पांच नवंबर 2026 तक बैठक कर अंतिम कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। टीबी मरीजों को वितरित की जाएगी पोषण पोटली क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत जनपद एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को कम से कम एक-एक टीबी मरीज को गोद लेकर पोषण पोटली वितरित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जन्म-मृत्यु पंजीकरण में नवजात बच्चियों और महिलाओं के पंजीकरण को प्राथमिकता देने तथा स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की आभा आईडी बनवाने पर जोर दिया गया। सीडीओ जागृति अवस्थी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एमसीएच विंग के चिकित्सा अधीक्षक, अपर एवं उप मुख्य चिकित्साधिकारी, वित्त एवं लेखा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी ब्लॉकों के प्रभारी चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।