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उत्तर प्रदेश: स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल, सीपीएस स्कूल के वाहनों की जांच करी मांग
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Jugesh Kumar , Date: 10/08/2026 03:30:08 pm Share:
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  • 10/08/2026 03:30:08 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: दुद्धी सोनभद्र जिलाधिकारी चर्चित गौड़ द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ओवरलोडिंग, मानकविहीन वाहनों और फिटनेस रहित स्कूली वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: दुद्धी सोनभद्र जिलाधिकारी चर्चित गौड़ द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ओवरलोडिंग, मानकविहीन वाहनों और फिटनेस रहित स्कूली वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। परिवहन विभाग द्वारा पूरे जनपद में सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें ओवरलोडिंग, बिना फिटनेस, परमिट उल्लंघन और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद दुद्धी कस्बे में टाउन क्लब मैदान के पास संचालित सी.पी.एस स्कूल से जुड़े वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल में बच्चों के आवागमन के लिए उपयोग किए जा रहे डग्गामार वाहनों में क्षमता से अधिक नौनिहालों को ठूस-ठूस कर बैठाया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि कई वाहन सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हैं तथा उनमें आवश्यक फिटनेस, परमिट और अन्य अनिवार्य दस्तावेजों की स्थिति भी संदिग्ध है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ किसी बड़े हादसे को निमंत्रण दे सकता है। गौरतलब है कि जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी दशा में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन न किया जाए और सभी स्कूली वाहनों में फिटनेस, दस्तावेज एवं सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। इसके बावजूद यदि ऐसे वाहन संचालित हो रहे हैं तो यह संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि दुद्धी के सीपीएस स्कूल में प्रयुक्त वाहनों की तत्काल जांच कराई जाए तथा ओवरलोडिंग और मानकविहीन वाहनों के संचालन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी स्थिति में समझौते का विषय नहीं हो सकती और जिम्मेदार अधिकारियों को इस मामले का संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।