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गुजरात: शरद रोड पर लगातार हादसों के विरोध में नागरिकों ने किया चक्काजाम, भारी वाहनों पर प्रतिबंध की मांग
- Photo by : social media
संक्षेप
गुजरात: शहर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में स्थानीय नागरिकों का गुस्सा आज सड़कों पर फूट पड़ा।
विस्तार
गुजरात: शहर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में स्थानीय नागरिकों का गुस्सा आज सड़कों पर फूट पड़ा। भारी वाहनों की आवाजाही से आए दिन हो रहे हादसों से परेशान लोगों ने एयरपोर्ट से एकता सुपरमार्केट तक चक्काजाम कर सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक प्रशासन शरद रोड पर भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध नहीं लगाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शरद रोड लंबे समय से भारी ट्रकों और डंपरों की आवाजाही का मुख्य मार्ग बना हुआ है। यह सड़क घनी आबादी वाले क्षेत्र से होकर गुजरती है, जहां स्कूल, बाजार और आवासीय कॉलोनियां स्थित हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन को कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिणामस्वरूप आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ की जान भी जा चुकी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाल ही में हुई एक गंभीर दुर्घटना ने लोगों के धैर्य का बांध तोड़ दिया। भारी वाहन की टक्कर से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद आक्रोशित नागरिकों ने एकजुट होकर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की। इस दौरान एयरपोर्ट से एकता सुपरमार्केट तक लंबा जाम लग गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं और कई बार ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं। संकरी सड़क और बढ़ती आबादी के बीच भारी वाहनों की आवाजाही आम नागरिकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। लोगों की मांग है कि शरद रोड को “नो एंट्री ज़ोन” घोषित किया जाए और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, प्रदर्शनकारी स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आदेश और तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू किया जाए।
शहर में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए यह मुद्दा अब जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुका है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। फिलहाल प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है। शहर की सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए शरद रोड पर भारी वाहनों के प्रतिबंध की मांग अब एक प्रमुख जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है।
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