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गुजरात: फसल हानि और भ्रष्टाचार के आरोप, किसानों ने कलेक्टर से जांच की करी मांग

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गुजरात  Published by: Chaudhari Rajubhai Venabhai , Date: 06/02/2026 12:56:06 pm Share:
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  • Published by: Chaudhari Rajubhai Venabhai ,
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  • 06/02/2026 12:56:06 pm
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संक्षेप

गुजरात: वाव थराद जिले के थराद पंचक में फसल हानि, भूस्खलन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

विस्तार

गुजरात: वाव थराद जिले के थराद पंचक में फसल हानि, भूस्खलन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। थराद तालुका के लोरवाड़ा गांव में, तावती समेत ग्राम सेवकों को भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। कुछ प्रशासनिक कर्मचारियों की मिलीभगत से धन शोधन के आरोप पूरे धर्मप्रांत में फैल गए हैं। बेदूत समुदाय में व्यापक असंतोष है। ग्रामीणों के अनुसार, मिट्टी के कटाव को रोकने और किसानों की जमीन की रक्षा करने की सरकार की योजना कारगर साबित नहीं हो रही है। सुधार के लिए आवंटित सहायता का लाभ वास्तव में हकदार किसानों को नहीं मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि कई प्रभावित किसानों को सहायता से वंचित रखा गया है और आरोप है कि जिन शुभचिंतकों ने धन जमा कराया है। उन्हें प्राथमिकता दी गई है। इस मामले में, लोरवाड़ा समेत आसपास के गांवों के किसानों और ग्रामीणों ने आज थराद स्थित जिला कलेक्टर श्री जे.एस. प्रजापति को एक याचिका सौंपकर पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।

 

अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और प्रभावित किसानों के लिए न्याय की मांग उठाई गई। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उचित जांच और कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। यह उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले में यह भी पता चला कि गांव के लोगों ने इस पूरे मामले को लेकर एक बड़ी सभा आयोजित की थी। जिसमें गांव का नौकर यह कहता नजर आया कि मैंने बेदूतों के पास पैसा जमा करा दिया है। हालांकि, इस पैसे के प्रबंधन की जिम्मेदारी सरपंच की है। इस बात की जांच होनी चाहिए कि इसमें तलाटी या ग्राम सेवक शामिल हैं या नहीं, लेकिन इसके लिए उचित जांच की आवश्यकता है। यदि ऐसा होता है और इसमें संलिप्तता का खुलासा होता है, तो कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।