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गुजरात: हाईटेंशन लाइन के पोल कृषि भूमि की बजाय सरकारी जमीन में लगाने की उठी मांग

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गुजरात  Published by: Sojitra Ashaben , Date: 12/06/2026 05:58:58 pm Share:
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  • 12/06/2026 05:58:58 pm
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संक्षेप

गुजरात: जामनगर  जामनगर जिले के जामनगर तालुका अंतर्गत गोकुलपरा गांव (बाड़ा ग्राम पंचायत) के किसानों ने 765 केवी डी/सी क्षमता वाली प्रस्तावित हाईटेंशन विद्युत लाइन को लेकर अपनी उपजाऊ कृषि भूमि की सुरक्षा की मांग उठाई है।

विस्तार

गुजरात: जामनगर  जामनगर जिले के जामनगर तालुका अंतर्गत गोकुलपरा गांव (बाड़ा ग्राम पंचायत) के किसानों ने 765 केवी डी/सी क्षमता वाली प्रस्तावित हाईटेंशन विद्युत लाइन को लेकर अपनी उपजाऊ कृषि भूमि की सुरक्षा की मांग उठाई है। किसान एवं सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेशभाई वल्लभभाई सोरठिया ने मांग की है कि कच्छ से जामनगर स्थित रिलायंस परियोजना तक प्रस्तावित इस विद्युत लाइन के लिए किए गए सर्वे में किसानों की कृषि भूमि का उपयोग किया जा रहा है, जबकि क्षेत्र में पर्याप्त सरकारी खराबा (बंजर) भूमि उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि कम से कम दो भारी पोल किसानों की उपजाऊ जमीन के बजाय सरकारी भूमि में स्थापित किए जा सकते हैं।

उन्होंने गुजरात सरकार, जामनगर जिला कलेक्टर एवं संबंधित प्रशासन से अपील की है कि किसानों की बहुमूल्य कृषि भूमि को बचाने के लिए परियोजना में आवश्यक संशोधन किया जाए और पोलों को सरकारी बंजर भूमि पर स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना है कि जहां सरकारी भूमि उपलब्ध हो, वहां किसानों की जमीन का अधिग्रहण या उपयोग न किया जाए। इस मुद्दे को लेकर न्याय एवं अधिकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष परसोतमभाई नाथाभाई मुंगरा ने भी किसानों के समर्थन में आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि किसानों की उपजाऊ भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

धर्मेशभाई सोरठिया ने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने की बात कही है। साथ ही उन्होंने जामनगर ग्रामीण विधायक एवं पूर्व कृषि मंत्री राघवजीभाई पटेल को भी मामले से अवगत कराते हुए किसानों के हित में त्वरित निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन, आंदोलन और आवश्यकता पड़ने पर अनशन भी किया जाएगा।

इस संबंध में बाड़ा गांव के सरपंच, तालुका पंचायत एवं जिला पंचायत के प्रतिनिधियों सहित सांसद, राज्य सरकार के मंत्रियों और मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल को भी ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष परसोतमभाई एन. मुंगरा ने कहा कि किसान हितों की रक्षा के लिए वे पूरी तरह से किसानों के साथ खड़े हैं और इस मुद्दे को सरकार व प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। किसानों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए उपजाऊ भूमि की रक्षा के लिए उचित निर्णय लेगा।