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गुजरात: विवादों से आहत मौसम विशेषज्ञ अंबालाल पटेल ने मौसम और बारिश की भविष्यवाणी बंद करने का किया ऐलान
- Photo by : social media
विस्तार
गुजरात: गुजरात के प्रसिद्ध मौसम विशेषज्ञ एवं वर्षा की भविष्यवाणी करने वाले श्री अंबालाल पटेल ने स्पष्ट किया है कि अब वे मौसम और बारिश की भविष्यवाणी नहीं करेंगे। यह जानकारी उन्होंने एक गुजराती अपडेट के माध्यम से साझा की है। श्री अंबालाल पटेल का कहना है कि विज्ञान जथा के अध्यक्ष श्री जयंत पंड्या द्वारा बार-बार दिए जा रहे विवादित बयानों से वे बेहद आहत और परेशान हैं। लगातार लगाए जा रहे आरोपों और विवादों से तंग आकर उन्होंने भविष्य में मौसम और वर्षा की भविष्यवाणी बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय उन्होंने विज्ञान जथा की ओर से लगातार किए जा रहे आपत्तिजनक और परेशान करने वाले बयानों के कारण लिया है। उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी भी किसी किसान या आम नागरिक से मौसम की भविष्यवाणी के बदले एक भी रुपये नहीं लिए और हमेशा समाज सेवा की भावना से यह कार्य किया है। वे अपना बहुमूल्य समय निकालकर मौसम और वर्षा की जानकारी लोगों तक पहुंचाते रहे हैं। श्री अंबालाल पटेल की अधिकांश मौसम और वर्षा संबंधी भविष्यवाणियां सही साबित हुई हैं। इसके बावजूद विज्ञान जथा द्वारा उन पर लगातार लगाए गए आरोपों से वे मानसिक रूप से आहत हुए, जिसके कारण उन्होंने यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि मौसम और वर्षा की भविष्यवाणियों के दौरान उन्हें हमेशा गुजरात के किसानों और आम जनता का भरपूर प्रेम और सम्मान मिला है। गुजरात की जनता और किसानों ने कभी भी उनके खिलाफ कोई आपत्तिजनक बयान नहीं दिया। वे हमेशा किसानों के दिलों में बसे रहे हैं।अंबालाल पटेल द्वारा मौसम और वर्षा की भविष्यवाणी बंद करने के निर्णय से गुजरात के किसानों और आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि बड़ी संख्या में किसान उनकी भविष्यवाणियों के आधार पर कृषि संबंधी निर्णय लेते रहे हैं।
इस बीच न्याय एवं अधिकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री परसोतमभाई एन. मुंगरा ने श्री अंबालाल पटेल को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने सार्वजनिक बयान जारी कर श्री अंबालाल पटेल से पुन मौसम और वर्षा की भविष्यवाणी शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात सरकार को भी श्री अंबालाल पटेल से भविष्यवाणियां दोबारा शुरू करने का अनुरोध करना चाहिए, ताकि गुजरात की जनता और किसानों को पहले की तरह इसका लाभ मिलता रहे।