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उत्तर प्रदेश: संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई, विचार गोष्ठी का किया आयोजन
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जिला शामली माघ पूर्णिमा व संत शिरोमणी गुरु रविदास जी के पावन पर्व पर 1 फरवरी 2026 दिन रविवार को राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज प्रतिनिधि मंच के मुख्यालय मौहल्ला पांसरियांन वाल्मीकी कॉलोनी जनपद शामली ब्लॉक रोड बहारी मार्ग पर संत शिरोमणि रविदास की जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई, जहां पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के चित्र पर सर्वप्रथम राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज प्रतिनिधि मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद झंझोट एवं जिला संयोजक नंदू प्रसाद वाल्मीकि ने सभी पदाधिकारियों के साथ संयुक्त रुप से मिलकर पुष्पमाला अर्पण की तथा पूजा अर्चना की।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जिला शामली माघ पूर्णिमा व संत शिरोमणी गुरु रविदास जी के पावन पर्व पर 1 फरवरी 2026 दिन रविवार को राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज प्रतिनिधि मंच के मुख्यालय मौहल्ला पांसरियांन वाल्मीकी कॉलोनी जनपद शामली ब्लॉक रोड बहारी मार्ग पर संत शिरोमणि रविदास की जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई, जहां पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के चित्र पर सर्वप्रथम राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज प्रतिनिधि मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद झंझोट एवं जिला संयोजक नंदू प्रसाद वाल्मीकि ने सभी पदाधिकारियों के साथ संयुक्त रुप से मिलकर पुष्पमाला अर्पण की तथा पूजा अर्चना की। तत्पश्चात संगठन के मुख्यालय मौहल्ला पंसारियांन वाल्मीकि कॉलोनी जिला शामली में एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें संगठन के अध्यक्ष अरविंद झंझोट ने अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने अपने जीवन में सत्य धर्म के रास्ते पर चलते हुए सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए सामाजिक धार्मिक स्तर पर समाज के लोगों को चेताने व जागरूक करने का काम किया। जिससे वे पूरे भारत में श्रेष्ठतम संतों में माने-जाने लगे और उन्होंने एक विचार कहा की मन चंगा तो कटौती में गंगा और यह उनका विचार पूरे भारत में प्रसिद्ध है अगर मानव सच्चे पथ पर चल रहा है। यही बहुत बड़ी तपस्या है। झंझोट ने कहा कि सत्य धर्म के मार्ग पर चलकर मानवों को अपना जीवन सफल करना चाहिए। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी भारत की धरोहर है और सभी के लिए पूजनीय है नंदू प्रसाद वाल्मीकि ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को माला अर्पण कर रविदास जी के चरणों में नमन किया पूजा अर्चना करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने अपनी गृहस्ती चलाने के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक धार्मिक जागरुकता के लिए अपनी विषेश भूमिका निभाई। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष अरविंद झंझोट ने की संचालन मुकेश वाल्मीकि ने किया। इस शुभ अवसर पर विचार गोष्ठी में विशाल कुमार, अरुण झंझोट, महेंद्र बाल्मीकि, धर्मवीर सिंह, जीत सिंह वाल्मीकि, पारस वाल्मीकि, स्वराज वाल्मीकि, दिवस वाल्मीकि, माननीय मोहम्मद वसीम जी, कुमारी काजल वाल्मीकि,राजेश देवी, सुलेख चंद आदि शामिल रहे।
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