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उत्तर प्रदेश: शिंदे गुट शिवसेना का प्रदर्शन, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस और शोषण के खिलाफ सौपा ज्ञापन

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ghanshyam Das , Date: 10/04/2026 10:42:20 am Share:
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  • 10/04/2026 10:42:20 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: रामपुर मनिहारान पश्चिम उत्तर प्रदेश शिंदे गुट शिवसेना कार्यकारिणी ने संगठन के बैनर तले बृहस्पतिवार को प्रदर्शन कर प्राइवेट पब्लिक स्कूलों द्वारा अभिभावकों के शौषण के संदर्भ में शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी रामपुर मनिहारान को सौंपा गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: रामपुर मनिहारान पश्चिम उत्तर प्रदेश शिंदे गुट शिवसेना कार्यकारिणी ने संगठन के बैनर तले बृहस्पतिवार को प्रदर्शन कर प्राइवेट पब्लिक स्कूलों द्वारा अभिभावकों के शौषण के संदर्भ में शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी रामपुर मनिहारान को सौंपा गया। शिवसेना कार्यकारिणी ने ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर अच्छा न होने के कारण अभिभावकों के बीच  अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने का चलन बढ़ा है तथा अभिभावकों के प्राइवेट स्कूलों की तरफ जाने के कारण उपरोक्त प्राइवेट पब्लिक स्कूलों ने शिक्षा का पूरी तरह व्यवसायीकरण कर दिया है, महंगी फीस महंगी ड्रेस महंगा पाठ्यक्रम के नाम पर अभिभावकों का जमकर शौषण हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों से प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंटस द्वारा एक ही स्कूल में छात्र/छात्रा द्वारा पहली कक्षा पास करने के बाद दूसरी कक्षा में जाने के लिए भी एडमिशन फीस का नियम बना दिया गया है, जिससे अगली कक्षा में होने वाली एडमिशन फीस के नाम पर मोटी कमाई की जा सके। प्राइवेट स्कूलों की कमीशन खोरी ने 1000/-1500/- रुपए में आने वाले पाठ्यक्रमों को पांच हजार रुपए-और 200  रुपए में मिलने वाली ड्रेस को डेढ हजार रुपए से दो हजार रुपए तक पहुंचा दिया है। क्योंकि पब्लिकेशंस कंपनियों से पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट 60-पर्सेंट तक की कमीशन पहले ही कर लेता है, जिसके कारण छोटी छोटी कक्षाओं का पाठ्यक्रम चार हजार रुपए से पांच हजार रुपए तक अभिभावकों को खरीदना पड़ता है।

 

यही हालत ड्रेस की की भी है अभिभावकों को बच्चों के लिए दो सौ रूपए से ढाई सौ रूपए वाली ड्रेस दो से ढाई हजार में खरीदनी पड़ रही है। कुल मिलाकर प्राइवेट पब्लिक स्कूल माफियाओं ने शिक्षा का पूर्ण रूप से बाजारीकरण कर दिया है, जिसके कारण अभिभावक पूरी तरह परेशान है। अंतत: इस संदर्भ में शिवसेना ने ज्ञापन  के माध्यम से मांग उठाई है कि,एक ही स्कूल में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्रा द्वारा एक कक्षा पास करने पर दूसरी कक्षा में जाने पर दोबारा एडमिशन की प्रक्रिया बंद की जाए। पाठ्यक्रम और ड्रेस के लिए अभिभावकों को कहीं से भी खरीदने की सुविधा दी जाए, और अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से पाठ्यक्रम-ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य वाले स्कूल मैनेजमेंटस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्राइवेट पब्लिक स्कूलों की फीस प्रत्येक क्लास के लिए निर्धारित की जाए और इसका उल्लंघन करने वाले प्राइवेट पब्लिक स्कूलों की मान्यता रद्द की जाए। इस मौके पर शिवसेना जिला प्रमुख सोनू तोमर लोधी राजपूत, ब्लॉक प्रमुख शुभम पंवार, ब्लॉक संगठन मंत्री प्रियांशु, नगर सचिव अंकित शर्मा, नगर सचिन मनोज भटनागर,जिला महासचिव विशाल,जीत,नीतीश, बादल, सागर,रिषभ,सूर्यकांत भटनागर, नगर अध्यक्ष अरविंद भटनागर, मीडिया प्रभारी वैष्णवी,सागर पंवार, मण्डल उपाध्यक्ष शिवकुमार सक्सेना,जसबीर सिंह,अनिल कुमार,राजीव सैनी,राजेंद्र,केशव,वंश आदि मौजूद रहे।