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उत्तर प्रदेश: गुरु पूर्णिमा पर हुआ वृक्षारोपण कार्यक्रम, समाजसेवा में योगदान देने वाली पांच महिलाओं का दिया सम्मान
- Photo by : social media
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उत्तर प्रदेश: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबू केदारनाथ स्मारक जन सेवा संस्थान द्वारा संचालित भगत सिंह खेल अकादमी, निजामाबाद के प्रांगण में वृक्षारोपण एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य की प्राचीन परंपरा का सम्मान करते हुए खिलाड़ियों और उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान अकादमी परिसर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में मौजूद सदस्यों ने गुरु-शिष्य परंपरा को याद करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है। गुरु ही अपने शिष्यों को सही मार्ग दिखाकर उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। राष्ट्रीय पहलवान अमरजीत यादव ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन खिलाड़ियों और धार्मिक मान्यताओं में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि 'गुरु' शब्द भले ही छोटा हो, लेकिन इसकी महिमा बहुत बड़ी है। गुरु के योगदान को शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यदि पूरी धरती को कागज और सभी वनों को लेखनी बना दिया जाए, सातों समुद्रों की स्याही बना दी जाए, तब भी गुरु की महिमा को पूरी तरह लिखा नहीं जा सकता। वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ ही समारोह में क्षेत्र की पांच महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। इन महिलाओं ने खेल, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में लगातार योगदान देते हुए समाज के लिए प्रेरणादायक कार्य किए हैं। आयोजकों ने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उनके योगदान को सम्मानित करना सभी के लिए प्रेरणा का विषय है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान हंसराज यादव, चंद्रदेव यादव, राम मिलन यादव, केदार मौर्या, अजवत, शिवलाल, अरविंद यादव, उमेश यादव, सुमन, गीता, अमृता राव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें पूरी मेहनत एवं लगन के साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में खिलाड़ियों से अपने प्रदर्शन के माध्यम से परिवार, क्षेत्र और जिले का नाम रोशन करने की अपील की गई। साथ ही वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान का संदेश दिया गया।