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उत्तर प्रदेश: सोनभद्र में पंचगव्य से दीपक और मूर्तियां बना रहीं महिलाएं, 20 हजार दीपकों का मिला ऑर्डर

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उत्तर प्रदेश  Published by: Indresh Kumar Pandey , Date: 27/10/2026 02:54:36 pm Share:
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  • 27/10/2026 02:54:36 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सोनभद्र सरकार की स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने की पहल से ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सोनभद्र में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पंचगव्य से दीपक, धूपबत्ती और भगवान गणेश-लक्ष्मी की आकर्षक मूर्तियां तैयार कर रही हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सोनभद्र सरकार की स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने की पहल से ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सोनभद्र में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पंचगव्य से दीपक, धूपबत्ती और भगवान गणेश-लक्ष्मी की आकर्षक मूर्तियां तैयार कर रही हैं। दीपावली के अवसर पर इन उत्पादों की बढ़ती मांग से महिलाओं को अपनी आमदनी बढ़ाने और रोजगार का विस्तार करने का अवसर मिल रहा है।

स्थानीय संसाधनों से तैयार किए जा रहे इन उत्पादों को पारंपरिक स्वरूप के साथ आकर्षक डिजाइन भी दिया जा रहा है। ग्राहकों की बढ़ती रुचि और अग्रिम ऑर्डर मिलने से समूह की महिलाओं का उत्साह बढ़ा है। प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता के जरिए महिलाएं अपने हुनर को स्वरोजगार में बदलकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता से निखरा हुनर

एनआरएलएम के उपायुक्त रवींद्र वीर के अनुसार, समूह की महिलाओं को पंचगव्य से दीपक, धूपबत्ती और गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। पंचगव्य में गाय के गोबर, दूध, घी, दही और गोमूत्र जैसे घटकों का उपयोग किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उत्पाद तैयार करने के साथ उन्हें आकर्षक रूप देने की तकनीक भी सिखाई गई है।

उन्होंने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने और अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। पारंपरिक स्वरूप और आकर्षक डिजाइन के कारण इन उत्पादों की बाजार में मांग बढ़ रही है। त्योहारों के दौरान मिलने वाले अग्रिम ऑर्डर से महिलाओं को उत्पादन बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।

पराग दूध की ओर से मिला 20 हजार दीपकों का ऑर्डर

समूह की महिलाओं को पराग दूध की ओर से 20 हजार दीपक और धूपबत्ती के एक हजार पैकेट तैयार करने का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर उनके उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और स्वरोजगार को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है।

दीपावली के दौरान पंचगव्य से तैयार उत्पादों की मांग बढ़ने से समूह को नए ग्राहक मिल रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादन और बिक्री की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।

स्वयं सहायता समूहों से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था

स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग और बाजार तक पहुंच के अवसर मिल रहे हैं। इससे महिलाएं घरेलू कामकाज के साथ-साथ उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।

गणेश आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की यह पहल स्थानीय संसाधनों के उपयोग, पारंपरिक शिल्प और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का उदाहरण है। बाजार में बढ़ती मांग और सरकारी सहयोग से महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने, अपने हुनर को पहचान दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।