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हरियाणा: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा, किसान मुद्दों व पेपर लीक पर जताई चिंता

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हरियाणा  Published by: Anil , Date: 05/06/2026 04:10:42 pm Share:
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  • 05/06/2026 04:10:42 pm
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संक्षेप

हरियाणा: लखीमपुर खीरी राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय चौधरी विकास पटेल जी, नई दिल्ली के आह्वान पर देशव्यापी कार्यक्रम के तहत लखीमपुर खीरी जनपद में एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया।

विस्तार

हरियाणा: लखीमपुर खीरी राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय चौधरी विकास पटेल जी, नई दिल्ली के आह्वान पर देशव्यापी कार्यक्रम के तहत लखीमपुर खीरी जनपद में एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला अधिकारी, लखीमपुर खीरी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया को प्रेषित किया गया। इस ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने जाति आधारित जनगणना में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का सही एवं स्पष्ट उल्लेख न किए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन का कहना है कि सामाजिक न्याय और समान अवसरों की नीति को प्रभावी बनाने के लिए जाति आधारित जनगणना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सभी वर्गों को उनकी वास्तविक जनसंख्या के आधार पर योजनाओं और आरक्षण का लाभ मिल सके।

इसके साथ ही संगठन ने किसानों से संबंधित एसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य/कृषि नीतियों से जुड़े मुद्दों) को पूरी तरह से लागू न किए जाने पर भी असंतोष व्यक्त किया। ज्ञापन में कहा गया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम तुरंत उठाए जाएं। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों से जुड़े लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। संगठन ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हैं। इससे मेहनती और ईमानदार विद्यार्थियों का मनोबल टूटता है तथा उनकी प्रतिभा का उचित मूल्यांकन नहीं हो पाता।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि देश के 625 जिलों में एक साथ इस विषय पर ज्ञापन सौंपकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार और राष्ट्रपति तक पहुँचाया गया है। संगठन ने उम्मीद जताई कि इन गंभीर मुद्दों पर जल्द से जल्द संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम के अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन सामाजिक न्याय, किसान हित और छात्र हितों की रक्षा के लिए निरंतर जारी रहेगा, जब तक कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।