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मध्य प्रदेश: बारिश से पहले नगर परिषद की दिखी लापरवाही, खुले चेंबर बने हादसे का खतरा
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: धार जिले के धामनोद नगर की पटेल कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर मार्ग पर नगर परिषद की लापरवाही लोगों की सुरक्षा पर भारी पड़ती नजर आ रही है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: धार जिले के धामनोद नगर की पटेल कॉलोनी स्थित झूलेलाल मंदिर मार्ग पर नगर परिषद की लापरवाही लोगों की सुरक्षा पर भारी पड़ती नजर आ रही है। क्षेत्र में नाली में पाइप लाइन डालने के लिए महीनों पहले किए गए कार्य के बाद कई चेंबर खुले छोड़ दिए गए हैं, जबकि नालियों की सफाई से निकाला गया मलबा भी सड़क पर ही पड़ा हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने इसे संभावित हादसों को खुला निमंत्रण बताया है। रहवासियों के अनुसार मानसून का मौसम शुरू होने वाला है और बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव की स्थिति बन जाती है। ऐसे में खुले पड़े चेंबर पानी में दिखाई नहीं देंगे, जिससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि कोई बच्चा, बुजुर्ग, राहगीर या दोपहिया वाहन चालक इन चेंबरों में गिर जाता है तो गंभीर हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई स्थानों पर चेंबरों की स्लैब टूटी हुई हैं और लोहे के सरिए बाहर निकले हुए हैं। वहीं नालियों से निकाला गया कचरा और गंदगी सड़क पर फैली होने से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। इसके कारण क्षेत्र में मच्छरों की संख्या बढ़ने और बीमारियों के फैलने की आशंका भी बनी हुई है। नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद केवल कागजों में सफाई और विकास कार्यों के दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात बदहाल हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रहवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि बारिश शुरू होने से पहले सभी खुले चेंबरों को सुरक्षित रूप से बंद किया जाए तथा सड़क पर पड़ा मलबा तत्काल हटाया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होगी। क्या नगर परिषद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है? 1.महीनों से खुले पड़े हैं चेंबर। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छता और विकास के दावों के बीच पटेल कॉलोनी की यह स्थिति नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
2.बारिश में जलभराव के दौरान बढ़ सकता है खतरा।
3.नालियों का मलबा सड़क पर छोड़ दिया गया।
4. बच्चे, बुजुर्ग और वाहन चालकों की सुरक्षा पर संकट।
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