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गुजरात: बी.एन. हाई स्कूल से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ
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संक्षेप
गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस स्कूल से शिक्षा प्राप्त की थी, उसी वडनगर के बी.एन. हाई स्कूल से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्यव्यापी 24वें 'शाला प्रवेशोत्सव' का प्रारंभ कराया।
विस्तार
गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस स्कूल से शिक्षा प्राप्त की थी, उसी वडनगर के बी.एन. हाई स्कूल से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्यव्यापी 24वें 'शाला प्रवेशोत्सव' का प्रारंभ कराया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 'शाला प्रवेशोत्सव' की 24वीं कड़ी का राज्यव्यापी प्रारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल, वडनगर के बी.एन. हाई स्कूल से किया। शिक्षा सेवा यज्ञ के समान इस अभियान के तहत, मेहसाणा जिले के ऐतिहासिक वडनगर के बी.एन. हाई स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 390 बच्चों का स्कूल में नामांकन किया गया।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सामान्य परिवार का विद्यार्थी भी कड़ी मेहनत, संकल्प और शिक्षा के बल पर जीवन में बड़ी सफलता प्राप्त कर सकता है, जिसका सबसे उत्तम उदाहरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन है। उनके नेतृत्व में शिक्षा, कौशल और विकास के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हुए हैं। मुख्यमंत्री ने शाला प्रवेशोत्सव के परिणामों के बारे में बताते हुए कहा कि 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र भाई मोदी ने 'शाला प्रवेशोत्सव' और 'कन्या शिक्षा' का महत्वपूर्ण अभियान शुरू किया था। इसके परिणामस्वरूप राज्य के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। एक समय था जब बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते थे, लेकिन निरंतर प्रयासों और शिक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी के कारण आज स्कूलों में नामांकन दर 100% तक पहुँच गई है और ड्रॉपआउट दर 1% से भी कम हो गई है।वडनगर स्कूल के 24 बच्चे, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी, उन्हें ढूंढकर पुनः प्रवेश दिलाया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को बधाई दी। टेक्नोलॉजी और शिक्षकों के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप स्कूल से बाहर रहे बच्चों को ढूंढकर फिर से शिक्षा के साथ जोड़ा जा रहा है। यदि कोई छात्र एक-दो दिन अनुपस्थित रहता है, तो शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर बच्चे की अनुपस्थिति की चिंता करते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अनुरोध किया कि प्रत्येक बच्चा अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करे, इसके लिए सरकार के साथ अभिभावकों की भी उतनी ही जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री ने बताया कि बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 'नमो लक्ष्मी' और 'नमो सरस्वती' जैसी योजनाएं लागू की हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अल्प समय में ही देखने को मिले हैं। 'नमो लक्ष्मी' योजना के तहत कक्षा 9 से 12 में पढ़ने वाली बेटियों को ₹50,000 की सहायता और 'नमो सरस्वती' योजना के तहत विज्ञान संकाय (Science stream) में पढ़ने वाले छात्रों को ₹25,000 की प्रोत्साहन आर्थिक सहायता दी जाती है।मुख्यमंत्री ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि मोबाइल और टीवी का उपयोग सीमित रखकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समय का सही नियोजन, माता-पिता का सम्मान और शिक्षा के प्रति निष्ठा के माध्यम से जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस कार्यक्रम की विशेषता यह थी कि मंच संचालन, गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत और आभार प्रदर्शन जैसी सभी व्यवस्थाएं स्कूल के छात्रों द्वारा ही संभाली गई थीं। मुख्यमंत्री ने छात्रों के इस कौशल की प्रशंसा की।कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों के साथ-साथ कला और खेल के क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया।शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी के हिस्से के रूप में, उपस्थित सभी छात्रों ने यातायात नियमों का पालन करने की शपथ ली। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्कूल परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन समिति और संचालक मंडल के सदस्यों के साथ बैठक कर शैक्षणिक गुणवत्ता के संबंध में भी परामर्श किया।इस राज्यव्यापी प्रवेशोत्सव के अवसर पर विधायक किरीटभाई पटेल, वडनगर नगरपालिका अध्यक्ष मितिका शाह, तालुका पंचायत अध्यक्ष कानुजी ठाकोर, अग्रणी गिरीशभाई राजगोर, भरतभाई डांगर, जिला कलेक्टर एस. के. प्रजापति, जिला विकास अधिकारी अंचु विल्सन, स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र इस शिक्षा उत्सव में सहभागी हुए।
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