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गुजरात: UGC के नए इक्विटी नियमों पर विवाद और किया गया विरोध

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गुजरात  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 28/01/2026 11:32:47 am Share:
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  • 28/01/2026 11:32:47 am
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संक्षेप

गुजरात: न्याय एवं अधिकार समिति राजपूत रणजीत जिला सचिव कलोल गांधीनगर, गुजरातयूजीसी (UGC) के नए 'इक्विटी रेगुलेशंस 2026' के तहत उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव रोकने के नियमों पर विवाद और विरोध जारी है।

विस्तार

गुजरात: न्याय एवं अधिकार समिति राजपूत रणजीत जिला सचिव कलोल गांधीनगर, गुजरातयूजीसी (UGC) के नए 'इक्विटी रेगुलेशंस 2026' के तहत उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव रोकने के नियमों पर विवाद और विरोध जारी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये नियम एकतरफा हैं और इनका दुरुपयोग हो सकता है, वहीं सरकार का कहना है कि यह SC, ST, OBC छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने हेतु है। नियम क्या हैं? UGC के नए नियमों के तहत हर कॉलेज/यूनिवर्सिटी में एक 'इक्विटी कमेटी' बनाना, 24x7 हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल अनिवार्य है। लक्ष्य उच्च शिक्षा संस्थानों में SC, ST, OBC और अन्य वर्गों के छात्रों के खिलाफ भेदभाव को रोकना। दुर्व्यवहार का डर विरोध करने वाले छात्रों और कुछ समूहों का मानना है कि ये नियम एकतरफा हैं और सामान्य वर्ग (General Category) के खिलाफ झूठे मामलों (Fake Cases) का कारण बन सकते हैं।

 

अनुशासनात्मक कार्रवाई नियमों का पालन न करने पर संस्थानों को फंडिंग बंद होने या मान्यता रद्द होने का खतरा है। सरकार का पक्ष केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि नियमों को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। शिकायतों में 118% की वृद्धि के बाद, एक मजबूत सिस्टम और समानता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। कानूनी स्थिति इस नए नियम के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में याचिका दायर की गई है। यह मामला फिलहाल एक गंभीर बहस में बदल गया है, जहां एक तरफ समानता सुनिश्चित करने का दावा है, तो दूसरी तरफ नियमों के दुरूपयोग की चिंता।