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गुजरात: जयपुर में QR कोड फ्रॉड, रातों-रात दुकानों के असली कोड बदलकर ठगों ने उड़ाई कमाई

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गुजरात  Published by: Rajput Ranjeet , Date: 03/06/2026 10:15:24 am Share:
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  • 03/06/2026 10:15:24 am
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संक्षेप

गुजरात: अपराधी अब चोरी-लूट से आगे बढ़कर डिजिटल ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। शहर के व्यस्त कारोबारी इलाके राजापार्क-राजेखोरी रोड क्षेत्र में कुछ शातिर युवकों ने रात के अंधेरे में दुकानों और ठेलों पर लगे असली QR को

विस्तार

गुजरात: अपराधी अब चोरी-लूट से आगे बढ़कर डिजिटल ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। शहर के व्यस्त कारोबारी इलाके राजापार्क-राजेखोरी रोड क्षेत्र में कुछ शातिर युवकों ने रात के अंधेरे में दुकानों और ठेलों पर लगे असली QR कोड के ऊपर अपने फर्जी QR कोड चिपका दिए। सुबह जब ग्राहकों ने ऑनलाइन भुगतान किया तो रकम दुकानदारों के बजाय सीधे ठगों के खातों में पहुंच गई। जानकारी के अनुसार, देर रात कार में सवार कुछ युवक इलाके में पहुंचे और बंद दुकानों के बाहर लगे QR कोड स्कैनरों को निशाना बनाया। बिना किसी तोड़फोड़ या चोरी के उन्होंने बड़ी सफाई से असली QR कोड के ऊपर नकली QR कोड चिपका दिए। रात के समय यह पूरा खेल इतनी चुपचाप हुआ कि किसी को भनक तक नहीं लगी।

सुबह जब दुकानदारों ने रोज की तरह ऑनलाइन भुगतान लेना शुरू किया तो ग्राहकों द्वारा भेजी गई रकम उनके खातों में नहीं पहुंची। शुरुआत में इसे तकनीकी समस्या समझा गया, लेकिन लगातार भुगतान गायब होने पर दुकानदारों ने QR कोड की जांच की। तब पता चला कि असली QR कोड के ऊपर किसी ने फर्जी QR कोड चिपका रखे हैं। बताया जा रहा है कि पान भंडार, चाय की दुकान, खिचड़ी की रेड़ी और अन्य छोटे व्यापारियों को इस ठगी का शिकार बनाया गया। सबसे ज्यादा नुकसान उन दुकानदारों को हुआ जो भुगतान आने की पुष्टि किए बिना ग्राहकों पर भरोसा कर सामान दे देते हैं। घटना के बाद दुकानदारों ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक कार से आते-जाते और QR कोड बदलते दिखाई दिए। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। यह घटना डिजिटल भुगतान व्यवस्था की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जिस क्षेत्र में बड़ी संख्या में CCTV कैमरे लगे हैं और पुलिस पेट्रोलिंग भी होती है, वहां इतनी देर तक संदिग्ध गतिविधियां होती रहीं, फिर भी किसी का ध्यान नहीं गया।